सीजी भास्कर, 12 जून। देश की राजनीति में गुरुवार को एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला जब राज्यसभा की अधिकांश सीटों का फैसला बिना मतदान (Rajya Sabha) के हो गया। चुनाव परिणाम सामने आते ही राजनीतिक दलों के बीच नए समीकरणों की चर्चा शुरू हो गई। संसद के उच्च सदन में संख्या बल को लेकर भी हलचल तेज हो गई है।
राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि इन नतीजों के बाद किस गठबंधन की ताकत बढ़ी है और आने वाले समय में इसका क्या असर देखने को मिल सकता है। कई राज्यों में उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने से चुनावी मुकाबला होने की नौबत ही नहीं आई।
24 सीटों पर निर्विरोध हुआ फैसला : Rajya Sabha
राज्यसभा की 27 सीटों में से 24 सीटों का फैसला निर्विरोध हो गया है। इन सीटों पर उम्मीदवारों के निर्वाचित होने की औपचारिक घोषणा कर दी गई। निर्वाचित उम्मीदवारों में कई बड़े राजनीतिक चेहरे शामिल हैं, जिनमें राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ नेताओं के नाम भी प्रमुखता से शामिल रहे।
सबसे ज्यादा बढ़ी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की ताकत
24 सीटों में से 19 सीटें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन समर्थित उम्मीदवारों के खाते में गई हैं। वहीं पांच सीटों पर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार निर्वाचित हुए हैं। इन परिणामों के बाद उच्च सदन में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की स्थिति और मजबूत होती दिखाई दे रही है।
गुजरात और आंध्र प्रदेश में रहा दबदबा
गुजरात की चारों सीटों पर सत्ताधारी दल के उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। वहीं आंध्र प्रदेश की चार सीटों पर भी गठबंधन समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। इन दोनों राज्यों के परिणामों ने संख्या बल बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।
राजस्थान समेत कई राज्यों में साफ हुआ रास्ता
राजस्थान में दो सीटों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार और एक सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित (Rajya Sabha) हुए। इसके अलावा मेघालय, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, महाराष्ट्र और ओडिशा में भी उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की गई।
कांग्रेस को भी मिली अहम सीटें
कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी निर्विरोध जीत हासिल की है। इससे पार्टी को उच्च सदन में अपनी उपस्थिति बनाए रखने में मदद मिली है। तमिलनाडु सहित कुछ राज्यों में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने सफलता दर्ज की।
अभी बाकी हैं तीन सीटों के चुनाव
राज्यसभा की तीन सीटों पर अभी मुकाबला होना बाकी है। झारखंड की दो सीटों और मिजोरम की एक सीट के लिए 18 जून को मतदान कराया (Rajya Sabha) जाएगा। इन सीटों पर एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में होने के कारण चुनाव की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
अब सभी की नजर अगले परिणामों पर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शेष सीटों के नतीजे आने के बाद उच्च सदन की तस्वीर और स्पष्ट हो जाएगी। हालांकि मौजूदा परिणामों ने सत्ता पक्ष को निश्चित रूप से मजबूती प्रदान की है। आने वाले दिनों में संसद की कार्यवाही और महत्वपूर्ण विधेयकों के दौरान इन आंकड़ों का असर देखने को मिल सकता है।



