सीजी भास्कर, 13 अक्टूबर : छत्तीसगढ़ में राशन कार्डों (Ration Card Verification) की पात्रता जांच तेज कर दी गई है। दो साल में 1 लाख 17 हजार से अधिक राशन कार्ड निरस्त किए जा चुके हैं। अब गांवों में ऐसे परिवारों की जानकारी जुटाई जा रही है, जिनके सदस्य नौकरी कर रहे हैं या जिनकी आय के अन्य स्रोत हैं। जांच में अपात्र पाए जाने पर संबंधित परिवारों के राशन कार्ड निरस्त किए जा सकते हैं।
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दो साल में 1.17 लाख कार्ड निरस्त
प्रदेश में राशन कार्डों का सत्यापन (Ration Card Verification) लगातार किया जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में 57,371 और वर्ष 2025 में 60,496 राशन कार्ड निरस्त किए गए। इस तरह दो वर्षों में कुल 1,17,867 कार्ड निरस्त हुए। वहीं, छत्तीसगढ़ के ई-पॉस पोर्टल पर सितंबर 2026 के वितरण संबंधी आंकड़ों में कुल 83,31,947 राशन कार्ड दर्ज हैं।
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पंचायतों को मिली जिम्मेदारी
गांवों में सत्यापन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों के सचिव और सरपंच को सौंपी गई है। उन्हें संबंधित परिवारों की जानकारी जुटाकर जांच रिपोर्ट खाद्य विभाग को देनी है। इस प्रक्रिया में गरीबी रेखा श्रेणी के उन परिवारों की आर्थिक स्थिति की पड़ताल की जाएगी, जिनके सदस्यों को नौकरी मिल गई है या जिनकी आय के अन्य स्रोत विकसित हुए हैं।
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रिपोर्ट के बाद होगा फैसला
पंचायतों से रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य विभाग पात्रता की जांच (Ration Card Verification) करेगा। निर्धारित नियमों और शर्तों के आधार पर तय होगा कि संबंधित परिवार राशन कार्ड के लिए पात्र हैं या नहीं। जांच में अपात्र पाए जाने वाले परिवारों के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं। हालांकि, परिवार के किसी सदस्य के नौकरीपेशा होने मात्र से राशन कार्ड स्वतः निरस्त नहीं होगा। पात्रता का फैसला लागू नियमों और निर्धारित मानकों के आधार पर ही किया जाएगा।
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जरूरतमंदों को न हो नुकसान
राशन कार्डों की जांच (Ration Card Verification) का उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाना और अपात्र लोगों को मिल रहे लाभ पर रोक लगाना है। निष्पक्ष जांच से पात्र परिवारों की पहचान करने में मदद मिलेगी। साथ ही, यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि दस्तावेजों या जानकारी में त्रुटि के कारण किसी जरूरतमंद परिवार का राशन कार्ड निरस्त न हो। सत्यापन प्रक्रिया (Ration Card Verification) में पारदर्शिता और नियमों का पालन जरूरी होगा, ताकि सरकारी राशन का लाभ सही लोगों तक पहुंच सके।
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