सीजी भास्कर, 05 जुलाई : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के पिनकापार चौकी क्षेत्र से एक सनसनीखेज वारदात (Sambalpur Pinkapar Grudge Attack) सामने आई है, जहाँ डेढ़ साल पुरानी रंजिश के चलते एक परिवार पर जानलेवा हमला किया गया। अपनी नाबालिग बेटी से बातचीत करने और मिलने से मना करने का बदला लेने के लिए मुख्य आरोपी ने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर देर रात एक घर में धावा बोल दिया। आरोपियों ने घर में सो रहे व्यक्ति पर लाठी-डंडों और लकड़ी के राफ्टर से बेरहमी से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। बालोद पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर सभी छह आरोपियों को भिलाई से गिरफ्तार कर लिया है।
रात के सन्नाटे में पहुंचे छह हमलावर, सोते हुए परिवार पर ढाया कहर
यह पूरी घटना पिनकापार चौकी के अंतर्गत आने वाले ग्राम संबलपुर की है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 30 जून की देर रात पीड़ित गौकरण साहू अपने परिवार के साथ घर के भीतर गहरी नींद में सो रहे थे। इसी दौरान दो मोटरसाइकिल और एक स्कूटी पर सवार होकर छह आरोपी उनके घर के बाहर पहुंचे। पूरी प्लानिंग के तहत दो आरोपियों को बाहर चौकसी और निगरानी के लिए खड़ा किया गया, जबकि मुख्य आरोपी समेत चार लोग दीवार फांदकर घर के भीतर दाखिल हो गए। आरोपियों ने सोते हुए गौकरण साहू पर अचानक बांस के डंडों और भारी-भरकम लकड़ी के राफ्टर से ताबड़तोड़ हमला करना शुरू कर दिया।
13 वर्षीय बेटी के जागने पर भागे आरोपी, सिर और पीठ पर आईं गंभीर चोटें
हमले के दौरान घर में चीख-पुकार मच गई। शोरगुल और मार-पिटाई की आवाज सुनकर गौकरण साहू की 13 वर्षीय बेटी अचानक जाग गई और उसने शोर मचाना शुरू किया। बच्ची के जागने और पकड़े जाने के डर से सभी आरोपी तुरंत मौके से फरार हो गए। इस जानलेवा हमले में गौकरण साहू के सिर, पीठ और कमर पर गंभीर चोटें आई हैं। सिर पर गहरा जख्म होने के कारण उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज जारी है और हालत गंभीर बनी हुई है।
मुख्य आरोपी भानूप्रताप पाल रहा था रंजिश
पुलिस की प्रारंभिक जांच और पूछताछ में इस खूनी हमले की मुख्य वजह डेढ़ साल पुराना प्रतिशोध निकलकर सामने आई है। करीब डेढ़ वर्ष पहले पीड़ित गौकरण साहू ने मुख्य आरोपी भानूप्रताप जैन को अपनी नाबालिग बेटी से बातचीत करने और उसके आस-पास मंडराने पर कड़ी फटकार लगाई थी, साथ ही उसे बेटी से दूर रहने की अंतिम चेतावनी भी दी थी। इस बात को लेकर भानूप्रताप जैन अंदर ही अंदर रंजिश पाल रहा था और उसने गौकरण को सबक सिखाने के लिए अपने दोस्तों के साथ मिलकर इस पूरे जानलेवा हमले की खौफनाक साजिश रची थी।
बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज, सभी आरोपी भेजे गए जेल
वारदात के बाद पीड़ित की पत्नी की लिखित शिकायत पर पिनकापार चौकी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर तत्काल तफ्तीश शुरू की। बालोद पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी इनपुट और मुखबिरों की सूचना पर घेराबंदी करते हुए घटना के 24 घंटे के भीतर ही सभी छह आरोपियों को दुर्ग जिले के भिलाई से धर दबोचा। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए लाठी-डंडे, लकड़ी का राफ्टर, दो मोटरसाइकिल और एक स्कूटी जब्त कर ली है। सभी छह आरोपियों को बालोद न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से विद्वान न्यायाधीश के आदेश पर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।



