सीजी भास्कर, 11 जून : छत्तीसगढ़ में व्यापारियों, दुकानदारों और विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया गया है। छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम नियमों में संशोधन (Shop Establishment Registration) करते हुए राज्य सरकार ने पंजीयन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और समयबद्ध बना दिया है। नए प्रावधानों के तहत अब ऑनलाइन आवेदन करने के बाद मात्र 24 घंटे के भीतर पंजीयन प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे व्यवसाय शुरू करने और संचालन से जुड़ी प्रक्रियाएं पहले की तुलना में अधिक सरल और पारदर्शी बनेंगी।
नियमों में किए गए महत्वपूर्ण संशोधन
श्रम विभाग द्वारा 3 जून 2026 को राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा की शर्तों का विनियमन) नियम, 2021 के नियम 4, नियम 5 और प्रपत्र-2 को पूर्ण रूप से प्रतिस्थापित किया गया है। इसके साथ ही नए प्रावधान लागू कर दिए गए हैं।
वहीं, इन संशोधनों का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों और प्रतिष्ठान संचालकों (Shop Establishment Registration) को त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना, विभागीय प्रक्रियाओं में मानवीय हस्तक्षेप कम करना और डिजिटल शासन व्यवस्था को मजबूत बनाना है।
24 घंटे में जारी होगा पंजीयन प्रमाणपत्र
संशोधित नियम 4 के अनुसार अब नियोक्ता को वेब पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। इसके साथ आवश्यक दस्तावेज और ई-चालान के जरिए निर्धारित शुल्क जमा करना होगा।
आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 24 घंटे के भीतर श्रम पहचान संख्या सहित पंजीयन प्रमाणपत्र ऑनलाइन जारी कर दिया जाएगा। पहले, इस प्रक्रिया में विभागीय स्तर पर अधिक समय लगता था। अब, समय-सीमा निर्धारित होने से आवेदकों को त्वरित सुविधा मिलेगी।
पूरी प्रक्रिया हुई ऑनलाइन
नए नियमों के तहत दुकानों और प्रतिष्ठानों का पूरा रिकॉर्ड श्रम विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर सुरक्षित रखा जाएगा। इसके अलावा, विभागीय अभिलेखों के डिजिटलीकरण से कागजी कार्रवाई में भी कमी आएगी।
वेब पोर्टल के माध्यम से जारी श्रम पहचान संख्या प्रमाणपत्र को अधिनियम और नियमों के तहत पूरी तरह वैध माना जाएगा। इससे ऑनलाइन प्रमाणपत्र की वैधानिक मान्यता को लेकर किसी प्रकार की शंका नहीं रहेगी।
स्व-घोषणा आधारित व्यवस्था लागू
सरकार ने इस व्यवस्था को स्व-घोषणा आधारित बनाया है। यानी आवेदन में दी गई सभी जानकारियों और दस्तावेजों की जिम्मेदारी स्वयं नियोक्ता की होगी।
हालांकि, यदि आवेदन में दी गई जानकारी, तथ्य या दस्तावेज भ्रामक, गलत या असत्य पाए जाते हैं तो उसकी पूरी जवाबदेही संबंधित नियोक्ता पर होगी। इससे पारदर्शिता के साथ जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
प्रमाणपत्र प्रदर्शित करना होगा अनिवार्य
नए नियमों के अनुसार प्रत्येक दुकान एवं स्थापना संचालक को अपने प्रतिष्ठान के प्रमुख और स्पष्ट दिखाई देने वाले स्थान पर पंजीयन प्रमाणपत्र प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।
इसके साथ ही, विभागीय निरीक्षण के दौरान प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं होने पर संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई भी की जा सकती है।
ऑनलाइन होंगे संशोधन और बदलाव
यदि प्रतिष्ठान के नाम, पते, कर्मचारियों की संख्या, व्यवसाय की प्रकृति या अन्य महत्वपूर्ण जानकारी में बदलाव होता है, तो अब इसके लिए भी ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा।
प्रमाणपत्र में संशोधन के लिए 100 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। यह शुल्क ई-चालान के माध्यम से जमा करना होगा। आवेदन मिलने के बाद संशोधित प्रमाणपत्र भी 24 घंटे के भीतर ऑनलाइन जारी किया जाएगा।
नया प्रपत्र-2 किया गया लागू
राज्य सरकार ने पुराने प्रपत्र-2 को समाप्त कर नया प्रपत्र लागू किया है। इसमें पहले की तुलना में अधिक विस्तृत जानकारी मांगी जाएगी।
नए प्रपत्र में श्रम पहचान संख्या, प्रतिष्ठान का पूरा पता, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, व्यवसाय का स्वरूप, संगठन का प्रकार, ईएसआई और ईपीएफ पंजीयन विवरण, नियोक्ता एवं प्रबंधक की जानकारी, मुख्यालय का विवरण, कर्मचारियों की संख्या तथा साप्ताहिक अवकाश जैसी जानकारियां शामिल की गई हैं।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मिलेगा बढ़ावा
श्रमायुक्त हिम शिखर गुप्ता ने कहा कि यह संशोधन राज्य में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ऑनलाइन पंजीयन, 24 घंटे की समय-सीमा और स्व-प्रमाणन आधारित व्यवस्था से छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और सेवा प्रतिष्ठानों को बड़ी राहत मिलेगी।
फिलहाल, नए नियम लागू होने के बाद व्यवसायिक प्रतिष्ठानों (Shop Establishment Registration) के लिए अनुपालन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल, डिजिटल और सुविधाजनक होने की उम्मीद है।



