सीजी भास्कर 24 अप्रैल
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में मनरेगा के तहत चल रहे कार्यों में गंभीर अनियमितता सामने आई है। जिला पंचायत और कलेक्टर कार्यालय से कुछ ही दूरी पर गौरेला क्षेत्र की ग्राम पंचायत सेमरा में तालाब निर्माण कार्य मजदूरों की जगह भारी मशीनों से कराया जा रहा है।
वीडियो में मशीनों से होता दिखा काम
मौके से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि जिस कार्य से ग्रामीणों को रोजगार मिलना चाहिए था, उसे जेसीबी और ट्रैक्टर जैसे उपकरणों से तेजी से पूरा किया जा रहा है। इससे एक ओर मजदूरों के रोजगार पर असर पड़ रहा है, वहीं मनरेगा के नियमों का उल्लंघन भी हो रहा है।
सरपंच और सचिव की सफाई
यह कार्य सरपंच तूफान सिंह और सचिव किसन राठौर की निगरानी में हो रहा है। दोनों का कहना है कि जेसीबी का इस्तेमाल सिर्फ कचरा हटाने और ट्रैक्टर से उसे बाहर ले जाने के लिए किया गया। हालांकि, यह तर्क मनरेगा के दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं माना जा रहा है।
मनरेगा में मशीनों के उपयोग पर रोक
मनरेगा योजना का उद्देश्य ग्रामीणों को अकुशल श्रम के जरिए 100 दिनों का रोजगार देना है। नियमों के तहत मिट्टी खुदाई, ढुलाई जैसे कार्यों में जेसीबी जैसी भारी मशीनों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। केवल कुछ विशेष परिस्थितियों में ही सीमित मशीनों के उपयोग की अनुमति दी जाती है।
प्रशासन पर उठे सवाल
दिनदहाड़े मशीनों से हो रहे इस कार्य ने स्थानीय प्रशासन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला पंचायत कार्यालय के पास ही नियमों के उल्लंघन ने जिला पंचायत सीईओ और मनरेगा से जुड़े अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। अब देखना होगा कि मामले के सामने आने के बाद उच्च स्तर पर क्या कार्रवाई होती है।


