सीजी भास्कर, 03 जून : तमिलनाडु की सियासत (Tamil Nadu Politics) में एक बार फिर के. अन्नामलाई का नाम सुर्खियों में है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और दक्षिण भारत में पार्टी के सबसे बड़े चेहरों में शुमार अन्नामलाई के बारे में खबरें आ रही हैं कि वे अपनी नई राजनीतिक राह चुन सकते हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी जोरों पर है कि वे अपनी खुद की अलग पार्टी बनाने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक उन्होंने अधिकारिक तौर पर भाजपा से नाता नहीं तोड़ा है और दिल्ली में पार्टी नेतृत्व के साथ उनकी बातचीत का सिलसिला जारी है।
पूर्व आईपीएस (IPS) अधिकारी अन्नामलाई की पहचान तमिलनाडु (Tamil Nadu Politics) में भाजपा के एक बेहद आक्रामक और जमीनी पकड़ वाले लोकप्रिय नेता के रूप में होती है। इस सियासी हलचल के बीच अब उनकी नेटवर्थ और राजनीतिक भविष्य को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अन्नामलाई के पास कितनी संपत्ति है
चुनावी हलफनामे के मुताबिक, के. अन्नामलाई की कुल संपत्ति 4.07 करोड़ रुपये से अधिक है। इसमें से लगभग 2.42 करोड़ रुपये की चल संपत्ति (कैश, बैंक बैलेंस और इन्वेस्टमेंट्स) शामिल है। वहीं, उनकी अचल संपत्ति (जमीन और मकान) की अनुमानित कीमत करीब 1.65 करोड़ रुपये बताई गई है।
‘सिंघम’ की छवि से सियासत तक का सफर
के. अन्नामलाई 2011 बैच के कर्नाटक कैडर के धाकड़ IPS अधिकारी रहे हैं। उन्होंने कर्नाटक के कई संवेदनशील जिलों में पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में अपनी सेवाएं दीं, जहां उनकी छवि एक ईमानदार अफसर की रही। साल 2019 में उन्होंने अचानक पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया। वीआरएस (VRS) के समय वे बेंगलुरु दक्षिण में पुलिस उपायुक्त (DCP) के पद पर तैनात थे। खाकी छोड़ने के बाद उन्होंने राजनीति का रुख किया और भाजपा का दामन थाम लिया।
नई पार्टी बनाने की अटकलें और समर्थकों की तैयारी
सियासी गलियारों में चर्चा है कि अन्नामलाई के समर्थक तमिलनाडु (Tamil Nadu Politics) में एक नया राजनीतिक मोर्चा या अलग पार्टी बनाने की जमीनी तैयारी में जुटे हुए हैं। कुछ करीबियों के मुताबिक, उनके समर्थक एक बड़े राजनीतिक अभियान की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं। हालांकि, इस संवेदनशील मुद्दे पर अब तक अन्नामलाई या उनके करीबियों की तरफ से कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
भाजपा राष्ट्रीय नेतृत्व का क्या रुख है
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, अन्नामलाई ने अपनी भविष्य की योजनाओं को लेकर दिल्ली में संगठन के वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा की है। भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व चाहता है कि वे आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति में कोई बड़ी और महत्वपूर्ण भूमिका संभालें। वहीं दूसरी ओर, सूत्रों का कहना है कि अन्नामलाई की पहली प्राथमिकता तमिलनाडु की स्थानीय राजनीति में ही सक्रिय रहकर काम करने की है।




