सीजी भास्कर, 03 जुलाई। सरकारी स्कूल में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अब सही कोर्स का चुनाव पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण (Teacher Course) हो गया है। हाल के वर्षों में शिक्षक भर्ती से जुड़े नियमों और पात्रता में हुए बदलाव के बाद अब हर कोर्स से हर स्तर के स्कूल में नौकरी नहीं मिल सकती। ऐसे में प्रवेश लेने से पहले यह समझना जरूरी है कि किस कोर्स से किस कक्षा में शिक्षक बनने का रास्ता खुलता है।
शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों के अनुसार अब उम्मीदवारों को अपने लक्ष्य के अनुसार ही कोर्स का चयन करना चाहिए। प्राथमिक विद्यालय, माध्यमिक विद्यालय और उच्च माध्यमिक स्तर की भर्ती के लिए पात्रता अलग अलग निर्धारित की गई है।
प्राथमिक शिक्षक बनने के लिए क्या है नियम Teacher Course
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार प्राथमिक विद्यालय यानी कक्षा 1 से 5 में शिक्षक बनने के लिए डीएलएड या बीटीसी को प्रमुख शिक्षक प्रशिक्षण योग्यता माना जाता है। इस स्तर पर पढ़ाने के लिए छोटे बच्चों की शिक्षण पद्धति और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ी विशेष ट्रेनिंग दी जाती है। इसलिए जो अभ्यर्थी केवल प्राथमिक शिक्षक बनना चाहते हैं, उनके लिए यही कोर्स अधिक उपयुक्त माना जाता है।
बीएड किसके लिए बेहतर विकल्प
बीएड उन अभ्यर्थियों के लिए उपयोगी है जो कक्षा 6 से 12 तक पढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं। इस कोर्स के बाद उम्मीदवार जूनियर, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्तर की शिक्षक भर्ती में निर्धारित नियमों के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। यदि किसी विषय में स्नातकोत्तर डिग्री भी है तो पीजीटी स्तर की भर्ती के अवसर भी मिल सकते हैं।
आईटीईपी बना नया विकल्प
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत आईटीईपी को शिक्षक शिक्षा का नया मॉडल माना जा रहा है। यह चार वर्षीय एकीकृत पाठ्यक्रम है, जिसमें स्नातक और शिक्षक प्रशिक्षण दोनों साथ में पूरे होते हैं। जो विद्यार्थी 12वीं के बाद ही शिक्षक बनने का लक्ष्य तय कर चुके हैं, उनके लिए यह भविष्य का महत्वपूर्ण विकल्प माना जा रहा है।
किस कोर्स के लिए क्या योग्यता
डीएलएड या बीटीसी के लिए पात्रता राज्य के नियमों के अनुसार तय होती है। कई राज्यों में 12वीं के बाद प्रवेश मिलता है, जबकि कुछ राज्यों में स्नातक अनिवार्य है। बीएड में प्रवेश के लिए सामान्यतः स्नातक या स्नातकोत्तर में निर्धारित न्यूनतम अंक आवश्यक होते हैं। आईटीईपी में 12वीं के बाद प्रवेश लिया जा सकता है और इसमें शिक्षक प्रशिक्षण के साथ स्नातक की पढ़ाई भी पूरी होती है।
कौन सा कोर्स चुनें
यदि लक्ष्य प्राथमिक विद्यालय में सरकारी शिक्षक बनना है तो डीएलएड या बीटीसी अधिक उपयुक्त विकल्प माना जाता है। अगर उद्देश्य मिडिल, हाई स्कूल या हायर सेकेंडरी में विषय शिक्षक बनना है तो बीएड बेहतर विकल्प है। वहीं 12वीं के बाद सीधे शिक्षक बनने की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए आईटीईपी भविष्य की दृष्टि से लाभदायक माना जा रहा है।



