सीजी भास्कर, 28 मई। केरल में बुधवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब प्रवर्तन निदेशालय की टीम एक बड़े मामले की जांच के सिलसिले में पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के घर (TMC Crisis) पहुंची। इलाके में जैसे ही कार्रवाई की खबर फैली, बड़ी संख्या में समर्थक मौके पर जमा होने लगे। देखते ही देखते वहां नारेबाजी और धक्का मुक्की शुरू हो गई। आसपास मौजूद लोगों के बीच भी पूरे घटनाक्रम को लेकर काफी चर्चा होती रही।
हालात तब और बिगड़ गए जब जांच पूरी कर बाहर निकल रही टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया। कई गाड़ियों पर पत्थर फेंके गए और अफसरों को बाहर निकालने की कोशिश भी हुई। मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद था, लेकिन कुछ देर तक स्थिति पूरी तरह तनाव में बनी रही। अब इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 8 लोगों को गिरफ्तार किया है।
अफसरों की गाड़ियों को बनाया निशाना : TMC Crisis
बताया जा रहा है कि जांच टीम जैसे ही बाहर निकली, भीड़ ने विरोध शुरू कर दिया। कई वाहनों के शीशे तोड़े गए और गाड़ियों पर बड़े पत्थर फेंके गए। स्थिति इतनी खराब हो गई कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का मुक्की भी हुई। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों को चोट लगने की जानकारी भी सामने आई है।
सीएमआरएल मामले की जांच में पहुंची थी टीम
प्रवर्तन निदेशालय की टीम कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड मामले की जांच कर रही थी। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी का नाम भी सामने बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक उनकी बेटी उसी घर में रहती हैं, जिस वजह से जांच टीम वहां पहुंची थी। कार्रवाई की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में वामपंथी दलों के कार्यकर्ता घर के बाहर जमा हो गए।
पिनाराई विजयन ने समर्थकों को समझाया
तनाव बढ़ने के बाद काफी देर में पिनाराई विजयन घर से बाहर (TMC Crisis) आए। उन्होंने अपने समर्थकों से शांत रहने की अपील की। इसके बाद धीरे धीरे स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका। हालांकि पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
कांग्रेस और आप के बीच बढ़ी बयानबाजी
मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। पिनाराई विजयन ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए प्रतिक्रिया दी। वहीं अरविंद केजरीवाल ने इस कार्रवाई को कांग्रेस और भाजपा की मिलीभगत बताया। उन्होंने कहा कि शिकायत के बाद तुरंत कार्रवाई होना कई सवाल खड़े करता है।
कांग्रेस ने आरोपों से किया इनकार
कांग्रेस नेताओं ने इन आरोपों को खारिज किया है। पार्टी की ओर से कहा गया कि कार्रवाई की जानकारी राज्य सरकार को पहले से नहीं थी। साथ ही यह भी कहा गया कि जांच एजेंसी ने राज्य सरकार से अतिरिक्त सुरक्षा की मांग नहीं की थी और अपने साथ केंद्रीय बल लेकर पहुंची थी।




