सीजी भास्कर, 28 जून : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (UP Politics) ने रविवार को हाथरस को बड़ी सौगात दी। उन्होंने 548 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलन्यास किया। इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि आप क्या अयोध्या बसाएंगे आप ने तो राम भक्तों पर गोलियां चलवाई। एक बार राम लला के दर्शन कर लीजिए सद्बुद्धि आ जाएगी।
सीएम योगी ने अखिलेश यादव को लिया आडे़ हाथ
इस दौरान सीएम योगी (UP Politics) ने समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अयोध्या को किसी से पहचान लेने की जरूरत नहीं है। अखिलेश जी चिंता मत करिए, पश्चताप करिए, रामलला के दर्शन करिए। अगर खुद को धार्मिक साबित करना चाहते हैं तो श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर भी खुलकर बोलिए, राम जन्मभूमि की तर्ज पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का अभियान चलना चाहिए।
इसके अलावा सीएम योगी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी रामभक्तों पर गोली चलाने वाली पार्टी है और उसकी सरकार में कांवड़ यात्रा तक रोकी जाती थी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार मंदिरों के विकास पर काम करती है। वहीं, पहले कब्रिस्तानों की बाउंड्री पर पैसा खर्च किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में मथुरा भी नए विकास की गवाह बनेगी और भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि को भी उचित सम्मान मिलना चाहिए।
राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर की चर्चा
सीएम योगी (UP Politics) ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश का कोई ऐसा जिला नहीं था जहां दंगे और कर्फ्यू न होते हों। मथुरा, मुजफ्फरनगर सहित कई जिलों में लगातार सांप्रदायिक हिंसा होती थी, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होता था। उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में न कोई बड़ा दंगा हुआ और न ही कर्फ्यू लगाने की नौबत आई।
मुहर्रम का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश में लगभग 12 हजार ताजिया जुलूस शांतिपूर्वक निकले और कहीं भी दंगा या उपद्रव नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि प्रशासन की सलाह के अनुसार ताजियों की ऊंचाई नियंत्रित रखने से हाईटेंशन तारों जैसी समस्याओं से भी बचाव हुआ।
मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन पर भी हमला बोला, उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस ने कभी समाजवादी नेताओं को जेल भेजा था, आज उसी के साथ सपा खड़ी है, उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव के दौरान विपक्ष ने संविधान का अपमान करने का काम किया और अब भी जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।



