सीजी भास्कर, 06 जुलाई : गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले की विशिष्ट पहचान बन चुका ‘विष्णु भोग’ चावल (Vishnu Bhog Rice) अब प्रदेश स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बना रहा है। जिले के प्रवास पर पहुंचे पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम का स्वागत स्थानीय कृषि समृद्धि और महिला सशक्तिकरण के प्रतीक ‘विष्णु भोग’ चावल (Vishnu Bhog Rice) से किया गया। कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने उन्हें जिले में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे इस विशेष चावल का पैकेट भेंट कर सम्मानित किया। यह पहल ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता और आजीविका संवर्धन का सफल मॉडल बनकर उभर रही है।
महिला समूहों की मेहनत से मिली नई पहचान
कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने पुलिस महानिदेशक को ‘विष्णु भोग’ चावल (Vishnu Bhog Rice) की विशेषताओं, उसकी गुणवत्ता और उत्पादन प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह चावल छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किया जा रहा है। इस पहल से स्थानीय कृषि उत्पादों को नई पहचान मिलने के साथ ग्रामीण महिलाओं की आय और आर्थिक सशक्तिकरण को भी मजबूती मिली है।
पुलिस महानिदेशक ने की महिला समूहों की सराहना
पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने महिला स्व-सहायता समूहों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ‘विष्णु भोग’ चावल (Vishnu Bhog Rice) केवल एक कृषि उत्पाद नहीं, बल्कि महिलाओं की मेहनत, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलने से जिले की विशिष्ट पहचान राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित होती है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलती है।
स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार
उन्होंने विश्वास जताया कि गुणवत्ता और परंपरा के साथ तैयार किए जा रहे ‘विष्णु भोग’ चावल (Vishnu Bhog Rice) जैसे उत्पाद भविष्य में प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में अपनी अलग पहचान बनाएंगे। स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार मिलने से किसानों और महिला स्व-सहायता समूहों की आय में वृद्धि होगी तथा ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।
महिला सशक्तिकरण का बन रहा सफल मॉडल
महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे ‘विष्णु भोग’ चावल (Vishnu Bhog Rice) ने यह साबित किया है कि स्थानीय संसाधनों, गुणवत्ता और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। यह पहल महिला सशक्तिकरण, स्थानीय कृषि उत्पादों के ब्रांडिंग और आत्मनिर्भर ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आई है।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।



