सीजी भास्कर, 11 दिसंबर। विधानसभा का शीतकालीन सत्र 14 दिसंबर से प्रस्तावित है, और कांग्रेस ने इस बार आक्रामक रुख अपनाने की पूरी तैयारी कर ली है (Winter Session)। पार्टी विधायक दल की बैठक शुक्रवार को प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत की अध्यक्षता में होगी, जिसमें सदन के भीतर सरकार को घेरने की विस्तृत रणनीति तैयार की जाएगी। बैठक में कांग्रेस विधायक दल के सभी सदस्य मौजूद रहेंगे और विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों पर समन्वित योजना बनाई जाएगी।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राज्य सरकार कई मोर्चों पर विफल साबित हुई है (Winter Session)। एसआईआर, धान खरीदी, बिजली बिल, जमीन गाइडलाइन, कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष को घेरने की रणनीति बनेगी। बैठक में यह तय होगा कि सत्र के दौरान किन विषयों पर व्यापक चर्चा होगी, किन मुद्दों पर विरोध दर्ज कराया जाएगा और कौन से विधायक कौन-सा मुद्दा उठाएंगे।
इसके साथ ही विपक्ष की सामूहिक आवाज को और मजबूत करने पर भी विस्तृत विचार होगा (Winter Session)। कांग्रेस का दावा है कि इस बार सत्र में पूरी तैयारी के साथ उतरकर सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करेगी और जनता की समस्याओं को मुखरता से सदन में रखेगी।
Winter Session यह सत्र इसलिए भी है खास
यह सत्र इसलिए भी खास है क्योंकि 14 दिसंबर को ही विधानसभा का स्थापना दिवस है, जिसकी याद में सत्र का पहला दिन इसी तारीख को रखा गया है। दरअसल, राज्य बनने के बाद विधानसभा की पहली बैठक 14 दिसंबर 2000 को हुई थी और संयोगवश इस बार 14 दिसंबर का दिन रविवार को पड़ रहा है। इस दिन को यादगार बनाने के लिए सत्र की शुरुआत इसी दिन से करने का निर्णय लिया गया है।
कुल 628 प्रश्न लगाए गए, 15 को अनुपूरक बजट
विधायकों ने इस सत्र के लिए कुल 628 प्रश्न लगाए हैं, जिनमें 333 तारांकित और 295 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं। ये सवाल मुख्य रूप से कानून-व्यवस्था, धान खरीदी में दिक्कतें, खराब सड़कें, और राशन वितरण जैसे ज्वलंत मुद्दों से जुड़े हैं। सत्र के दूसरे दिन सोमवार 15 दिसंबर को राज्य सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी।




