कैथोलिक चर्च के प्रमुख पोप लियो XIV के दाहिने फेफड़े में कैंसर का पता चला है। चिकित्सा जांच के दौरान फेफड़े का एक हिस्सा निकालने के बाद कैंसर की पुष्टि होने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि उन्हें फेफड़ों का एडेनोकार्सिनोमा है, जो फेफड़ों के कैंसर का एक सामान्य प्रकार है। स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 20 अक्टूबर तक उनके सभी सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। हालांकि, वेटिकन में रोजमर्रा के प्रशासनिक कार्य पहले की तरह जारी रहेंगे।
कैसा है पोप लियो का स्वास्थ्य?
71 वर्षीय पोप लियो के फेफड़े में गांठ मिलने के बाद उनका उपचार किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनके दाहिने फेफड़े का एक हिस्सा निकालने के बाद कैंसर का पता चला। हालांकि, बीमारी किस अवस्था में है और कैंसर कितना फैला है, इस बारे में विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि कैंसर शुरुआती अवस्था में है और लिम्फ नोड्स तक नहीं फैला है, तो सर्जरी से इसका उपचार संभव हो सकता है। वहीं, यदि आगे की जांच में कैंसर के अधिक फैलने की पुष्टि होती है, तो उपचार अधिक जटिल हो सकता है। फिलहाल, बीमारी की गंभीरता को लेकर अंतिम निष्कर्ष के लिए विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट जरूरी है।
20 अक्टूबर तक सार्वजनिक कार्यक्रम स्थगित
पोप लियो के स्वास्थ्य लाभ को प्राथमिकता देते हुए उनके सभी सार्वजनिक कार्यक्रम 20 अक्टूबर तक रद्द कर दिए गए हैं। उन्हें चिकित्सकीय निगरानी और आराम की आवश्यकता है। उनके स्वास्थ्य को लेकर आगे की स्थिति चिकित्सा जांच और उपचार के परिणामों पर निर्भर करेगी।
पोप लियो मई 2025 में पोप फ्रांसिस के निधन के बाद कैथोलिक चर्च के प्रमुख बने थे। दुनिया भर में करोड़ों कैथोलिक अनुयायियों के लिए पोप का पद धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।
पोप की अनुपस्थिति में कैसे चलेगा वेटिकन?
वेटिकन की व्यवस्था के अनुसार, पोप के बीमार होने पर उनके स्थान पर स्वतः कोई अंतरिम उत्तराधिकारी नियुक्त नहीं होता। पोप से संबंधित महत्वपूर्ण फैसलों और कुछ आधिकारिक कार्यों को उनकी अनुपस्थिति में स्थगित किया जा सकता है। हालांकि, वेटिकन के सामान्य प्रशासनिक और दैनिक कार्य जारी रहते हैं।
ऐसे में पोप लियो के स्वास्थ्य लाभ के दौरान वेटिकन का रोजमर्रा का कामकाज चलता रहेगा। उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों और आधिकारिक गतिविधियों की बहाली उनके स्वास्थ्य में सुधार और चिकित्सकीय सलाह के आधार पर तय होगी।



