सीजी भास्कर, 19 अप्रैल : छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में अवैध उत्खनन (Baloda Bazar Mining Action) और परिवहन करने वाले माफियाओं के खिलाफ जिला प्रशासन ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए बड़ी स्ट्राइक की है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के सख्त तेवरों के बाद खनिज विभाग ने पिछले डेढ़ महीने में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए अवैध धंधे में लिप्त लोगों की कमर तोड़ दी है। इस (Baloda Bazar Mining Action) के तहत अब तक 204 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें खनिज माफियाओं पर 58 लाख रुपये का भारी-भरकम अर्थदंड प्रस्तावित किया गया है।
अवैध उत्खनन पर चौतरफा वार
जिले में खनिजों के दोहन को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अवैध उत्खनन, भंडारण या परिवहन की सूचना मिलने पर बिना किसी देरी के सख्त कार्रवाई की जाए। इसी का परिणाम है कि खनिज विभाग ने विशेष अभियान चलाकर जिले के अलग-अलग हिस्सों में दबिश दी। इस (Baloda Bazar Mining Action) ने उन सिंडिकेट्स में खलबली मचा दी है जो सरकारी राजस्व को चूना लगाकर अवैध रूप से रेत, मुरूम और चूना पत्थर का काला कारोबार कर रहे थे।
141 उत्खनन और 63 परिवहन के मामले
खनिज विभाग से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले 45 दिनों में दर्ज 204 प्रकरणों में से
अवैध उत्खनन : कुल 141 मामले दर्ज किए गए, जिनमें सबसे ज्यादा 138 प्रकरण अवैध ईंट निर्माण के हैं। इसके अलावा रेत और मुरूम के अवैध उत्खनन पर भी कार्रवाई हुई है।
अवैध परिवहन : परिवहन के 63 मामलों में रेत के 55, चूना पत्थर के 6 और ईंट के 2 प्रकरण शामिल हैं।
कानून के शिकंजे में माफिया
प्रशासन ने केवल जब्ती तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी है, बल्कि आर्थिक प्रहार भी किया है। खान एवं खनिज अधिनियम, 1957 और छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के कड़े प्रावधानों के तहत दोषियों पर 58 लाख रुपये की जुर्माना राशि प्रस्तावित की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस (Baloda Bazar Mining Action) का मुख्य उद्देश्य अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाना और शासन के राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
अवैध ईंट भट्ठों पर सबसे ज्यादा प्रहार
इस बार की कार्रवाई में सबसे ज्यादा गाज अवैध ईंट निर्माताओं पर गिरी है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बिना अनुमति संचालित हो रहे 138 ईंट भट्ठों पर केस दर्ज कर भारी अर्थदंड लगाया गया है। प्रशासन की इस सक्रियता से रेत और मुरूम की अवैध तस्करी करने वालों में भी डर का माहौल है। (Baloda Bazar Mining Action) आने वाले दिनों में और भी तेज होने की संभावना है, जिससे जिले में अवैध खनन पूरी तरह बंद हो सके।


