सीजी भास्कर, 20 अप्रैल : छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव (Drinking Water Management) ने प्रदेश के सभी नगर निगमों की समीक्षा बैठक में कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। श्री साव ने अगले वर्ष तक सभी नगर निगमों में पेयजल व्यवस्था संबंधी समस्त समस्याओं के पूर्ण निराकरण के कड़े निर्देश दिए हैं।
बैठक के दौरान धमतरी में पेयजल योजना की लेटलतीफी और लापरवाही का मामला सामने आने पर उप मुख्यमंत्री ने तत्काल एक्शन लिया। उन्होंने कार्य में देरी के लिए धमतरी के कार्यपालन अभियंता (ईई) को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित ठेकेदार पर भारी पेनाल्टी लगाने को भी कहा है। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी कि भविष्य में यदि किसी क्षेत्र में पानी की किल्लत होती है, तो इसकी जवाबदेही तय कर संबंधित अफसरों पर सीधी और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। श्री साव ने कहा कि प्रशासन को पेयजल व्यवस्था (Drinking Water Management) का ऐसा स्थायी समाधान ढूंढना चाहिए जिससे गर्मियों में जनता को राहत मिल सके।
मानसून को ध्यान में रखते हुए उप मुख्यमंत्री ने 31 मई तक सभी नगर निगमों के बड़े नाले-नालियों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई का कार्य अनिवार्य रूप से पूर्ण करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि बरसात में जल भराव की स्थिति पैदा न हो, इसके लिए प्री-मानसून तैयारियां युद्ध स्तर पर की जाएं। जून के पहले सप्ताह में एक राज्य स्तरीय टीम नगर निगमों का भौतिक निरीक्षण करेगी। यदि निरीक्षण के दौरान सफाई और पेयजल व्यवस्था (Drinking Water Management) का कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उस शहर के स्वास्थ्य अधिकारी और इंजीनियर के विरुद्ध तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।


