सीजी भास्कर 22 अप्रैल
बलौदाबाजार में वनमंडलाधिकारी धम्मशील गणवीर की अध्यक्षता में वनमंडल कार्यालय में अंतर-विभागीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। यह बैठक प्राकृतिक संसाधनों की इंटीग्रेटेड लैंडस्केप स्तर पर योजना तैयार करने के उद्देश्य से बुलाई गई थी।
विभागों और संस्थाओं की सहभागिता
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और सीएसआर संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान क्षेत्रीय विकास, आजीविका बढ़ाने और संसाधनों के समन्वित उपयोग को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
कृषि और संबंधित गतिविधियों पर प्रस्तुति
कृषि, उद्यानिकी और अन्य विभागों ने अपने-अपने कार्यों का प्रस्तुतिकरण दिया। मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए हल्दी, सरसों और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों की संभावनाओं पर विचार किया गया।
पारंपरिक पौधों के संरक्षण की पहल
कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) ने पारंपरिक पौधों की पहचान और संरक्षण को लेकर अपनी पहल साझा की। इस पर आगे कार्ययोजना बनाकर उसे लागू करने पर सहमति बनी। साथ ही वनांचल क्षेत्रों में आजीविका बढ़ाने के लिए मधुमक्खी पालन, लाख उत्पादन और अन्य गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
प्रशिक्षण और प्रभावी क्रियान्वयन पर फोकस
समुदाय को प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ने और किसान हितैषी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष चर्चा हुई। विभागों के बीच डेटा एकीकरण और जिला स्तर पर अभिसरण सेल बनाने के जरिए समन्वित कार्यप्रणाली विकसित करने की जरूरत पर बल दिया गया।
जल संरक्षण और पर्यटन संभावनाएं
इसके अलावा बंद खदान क्षेत्रों के उपयोग, जल संरक्षण, ग्रीन बेल्ट विकास और वृक्षारोपण कार्यों में विभिन्न संस्थाओं के सहयोग को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। इन क्षेत्रों को भविष्य में पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया है।


