सीजी भास्कर 23 अप्रैल
एंड्रॉयड यूजर्स के लिए Google ने एक बड़ा बदलाव पेश किया है, जिससे अब ऐप्स पर साइन-अप करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। नए अपडेट के तहत अब यूजर्स को ईमेल वेरिफिकेशन के लिए OTP डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
Android के Credential Manager में आए इस फीचर के जरिए सिस्टम अपने आप Gmail अकाउंट को वेरिफाई कर लेगा। जब कोई ऐप पहचान कन्फर्म करेगा, तो स्क्रीन पर एक नेटिव विंडो दिखाई देगी, जहां “Agree and Continue” पर टैप करते ही प्रोसेस पूरा हो जाएगा।इससे यूजर्स को बार-बार ऐप और ईमेल के बीच स्विच नहीं करना पड़ेगा और साइन-अप प्रक्रिया तेज व आसान हो जाएगी।
डेटा सिक्योरिटी पर क्या होगा असर?
इस नए सिस्टम को लेकर डेटा सुरक्षा पर सवाल भी उठ रहे हैं। हालांकि Google का दावा है कि यह फीचर पूरी तरह सुरक्षित हैकंपनी के अनुसार, इसमें क्रिप्टोग्राफिक तरीके से वेरिफाइड क्रेडेंशियल का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे किसी भी ऐप को बिना अनुमति यूजर की जानकारी नहीं मिल सकती। हर बार यूजर की सहमति जरूरी होगी और साफ तौर पर दिखाया जाएगा कि कौन-सी जानकारी शेयर की जा रही है।यह सुविधा फिलहाल केवल प्राइवेट Gmail अकाउंट्स के लिए उपलब्ध होगी और इसे अपनाना डेवलपर्स पर निर्भर करेगा।
Cloud Next 2026 में AI का बड़ा ऐलान
Google Cloud Next 2026 इवेंट में कंपनी ने अपने Google Workspace प्लेटफॉर्म के लिए कई नए AI फीचर्स भी पेश किए हैं।इनमें सबसे खास “Workspace Intelligence” है, जो Docs, Slides और Gmail जैसे ऐप्स को आपस में जोड़कर काम को ऑटोमैटिक और स्मार्ट बनाता है।
मीटिंग्स और डेटा एनालिसिस होंगे स्मार्ट
Google Meet का “Take Notes for me” फीचर अब और एडवांस हो गया है। यह ऑफलाइन मीटिंग्स के साथ-साथ Zoom और Microsoft Teams पर भी काम करेगा।वहीं Google Sheets में Gemini AI के जरिए डैशबोर्ड बनाना और डेटा एनालिसिस करना बेहद आसान हो जाएगा।
यूजर्स के लिए क्या बदलेगा?
इन सभी अपडेट्स का मकसद यूजर्स का समय बचाना और डिजिटल अनुभव को ज्यादा स्मार्ट बनाना है। OTP हटने से साइन-अप प्रक्रिया तेज होगी, वहीं AI फीचर्स से काम की स्पीड और प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी।


