सीजी भास्कर, 30 अप्रैल : राजधानी रायपुर के विधानसभा थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक हृदयविदारक घटना (Raipur Plastic Factory Fire) घटी, जहां कंवल प्लास्टिक मल्टीलेयर कंपनी में अचानक भीषण आग लग गई। महालेखाकार (एजी) भवन के पीछे स्थित इस फैक्ट्री में लगी आग इतनी भयावह थी कि उसकी लपटों ने देखते ही देखते पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। रायपुर प्लास्टिक फैक्ट्री अग्निकांड के कारण आसमान में कई किलोमीटर दूर तक घना काला धुआं देखा गया, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई।
धमाकों के बीच मची अफरा-तफरी
आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फैक्ट्री के अंदर से लगातार धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही थीं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मशीन के अत्यधिक गर्म होने से आग की शुरुआत हुई। फैक्ट्री के भीतर रखे ज्वलनशील प्लास्टिक और रसायनों ने ईंधन का काम किया, जिससे यह रायपुर प्लास्टिक फैक्ट्री अग्निकांड (Raipur Plastic Factory Fire) और अधिक विकराल हो गया। धमाकों की वजह से आसपास रहने वाले लोग घरों से बाहर निकल आए।
दमकल की कार्यवाही और स्थानीय आक्रोश
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। भारी मशक्कत के बाद टीम आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, स्थानीय निवासियों ने दमकल विभाग पर देरी से पहुंचने का गंभीर आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि यदि टीमें समय पर पहुँच जातीं, तो इस रायपुर प्लास्टिक फैक्ट्री अग्निकांड (Raipur Plastic Factory Fire) से होने वाले नुकसान को काफी कम किया जा सकता था।
मजदूरों की स्थिति और सुरक्षा पर सवाल
राहत की बात यह रही कि समय रहते अधिकांश मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस हादसे में कुछ मजदूर मामूली रूप से झुलस गए हैं, जिनका अस्पताल में उपचार जारी है। इस रायपुर प्लास्टिक फैक्ट्री अग्निकांड (Raipur Plastic Factory Fire) ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है। फैक्ट्री में पर्याप्त अग्निशमन उपकरणों की कमी और सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी के आरोप प्रबंधन पर लग रहे हैं।
मीडिया कर्मियों से बदसलूकी
घटनास्थल पर उस समय तनाव की स्थिति और बढ़ गई जब कवरेज करने पहुंचे मीडिया कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार की खबरें सामने आईं। विधानसभा थाना पुलिस और प्रशासन की टीमें फिलहाल मौके पर मौजूद हैं। इस रायपुर प्लास्टिक फैक्ट्री अग्निकांड (Raipur Plastic Factory Fire) में हुए कुल आर्थिक नुकसान का सटीक आकलन आग पूरी तरह बुझने के बाद ही किया जा सकेगा। प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।


