सीजी भास्कर, 6 मई। रेल यात्रियों की सुरक्षा और आपात स्थिति में त्वरित मदद के लिए भारतीय रेलवे द्वारा हर कोच में इमरजेंसी अलार्म चेन की सुविधा दी जाती है, लेकिन इसके दुरुपयोग के मामले लगातार सामने आ रहे हैं I (Misuse of alarm chain)
रेल मंडल में जनवरी से अप्रैल के बीच अलार्म चेन पुलिंग के 501 मामले दर्ज किए गए हैं. जिससे रेल संचालन पर असर पड़ रहा है.
रेलवे सुरक्षा बल का सख्त रुख : Misuse of alarm chain
मंडल रेल प्रबंधक राकेश रंजन के मार्गदर्शन और मंडल सुरक्षा आयुक्त सौरभ कुमार के नेतृत्व में रेलवे सुरक्षा बल ने इस पर सख्त रुख अपनाया है. ट्रेनों में अनावश्यक चेन पुलिंग को रोकने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है.
जारी आंकड़ों के अनुसार, इन 501 मामलों में रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय के माध्यम से 1 लाख 92 हजार रुपये का जुमार्ना वसूला गया है.
रेल अधिनियम के अनुसार सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान
Rail अधिनियम के अनुसार, बिना उचित कारण अलार्म चेन खींचना दंडनीय अपराध है. इसमें एक वर्ष तक की सजा, 1 हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है.
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे इस सुविधा का उपयोग केवल वास्तविक आपात स्थिति में ही करें. अनावश्यक चेन पुलिंग न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे ट्रेनों की समयबद्धता और अन्य यात्रियों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है.


