सीजी भास्कर, 06 जून। राजनांदगांव में पद्मश्री सम्मानित फुलबासन बाई के अपहरण की कोशिश के बाद अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राजधानी रायपुर में भी इस घटना को लेकर लगातार चर्चा (Kidnapping Case) बनी हुई है। विपक्ष इस मामले को महिलाओं की सुरक्षा से जोड़कर सरकार पर हमला बोल रहा है, जबकि घटना के बाद पुलिस जांच भी तेज कर दी गई है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस घटना ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्टी का आरोप है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और सरकार इस पर गंभीर नजर नहीं आ रही। इसी मुद्दे को लेकर अब गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई है।
कांग्रेस ने गृहमंत्री से मांगा इस्तीफा Kidnapping Case
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जब पद्मश्री सम्मानित महिला सुरक्षित नहीं है तो आम महिलाओं की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़े हैं और हालात चिंताजनक बने हुए हैं।
महिलाओं की सुरक्षा पर उठाए सवाल (Kidnapping Case)
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में हर दिन महिलाओं के साथ अपराध की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने नाबालिग बच्चियों और आदिवासी इलाकों में बढ़ते अपराधों को लेकर भी चिंता जताई। उनका आरोप है कि कई मामलों में पीड़ितों को थानों में डराया धमकाया जाता है, जिससे लोगों का भरोसा व्यवस्था पर कमजोर हो रहा है।
सरकार पर लापरवाही का आरोप
कांग्रेस ने सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर उदासीन रहने का आरोप लगाया। पार्टी नेताओं का कहना है कि अपराधी बेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश में बढ़ते नशे के कारोबार को लेकर भी सरकार को घेरा गया। आरोप लगाया गया कि नशे की वजह से अपराध बढ़ रहे हैं और युवाओं पर इसका बुरा असर पड़ रहा है।
जानिए क्या है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक बेमेतरा निवासी खुशबू साहू अपने साथियों के साथ मंगलवार सुबह फुलबासन बाई के घर पहुंची थी। जरूरी चर्चा और जन्मदिन मनाने की बात कहकर उन्हें कार में बैठाया गया। आरोप है कि कार आगे बढ़ते ही उनके हाथ पैर बांध दिए गए और मुंह पर कपड़ा बांध दिया गया ताकि वे शोर न मचा सकें।
पुलिस चेकिंग में खुला मामला
आरोपी खैरागढ़ की तरफ भागने की कोशिश कर (Kidnapping Case) रहे थे। इसी दौरान चिखली पुलिस चौकी के पास जांच कर रही टीम ने शक होने पर कार रोकी। पहले आरोपियों ने महिला को मिर्गी आने की बात कही, लेकिन पुलिसकर्मी ने फुलबासन बाई को पहचान लिया। इसके बाद सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस कर रही पूछताछ
पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी खुशबू साहू पिछले कई महीनों से फुलबासन बाई के संपर्क में थी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मामले के पीछे कोई बड़ा गिरोह या आर्थिक साजिश तो नहीं है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है।


