सीजी भास्कर, 20 मई। छत्तीसगढ़ में बीते दो दिनों की हल्की राहत के बाद अब फिर तेज गर्मी लोगों की परेशानी (Heat Wave) बढ़ाने वाली है। सुबह से ही कई शहरों में तेज धूप और उमस महसूस की गई। दोपहर होते होते सड़कों पर आवाजाही कम नजर आई और लोग गर्म हवाओं से बचने की कोशिश करते दिखे। मौसम विभाग की नई चेतावनी के बाद लोगों के बीच फिर बढ़ती गर्मी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
शहरों में दिन चढ़ने के साथ ही तापमान तेजी से ऊपर जा रहा है। खासकर खुले इलाकों और बाजारों में दोपहर के समय हालात ज्यादा मुश्किल महसूस किए जा रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में गर्मी का असर और तेज हो सकता है।
अगले चार दिनों में बढ़ सकता है तापमान : Heat Wave
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के अधिकतम तापमान में अगले 24 घंटों के भीतर बढ़ोतरी होने की संभावना है। विभाग ने 20 मई से 24 मई के बीच कई इलाकों में ग्रीष्म लहर चलने की आशंका जताई है। आने वाले चार दिनों में तापमान करीब 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।
रायपुर में 41 डिग्री तक पहुंचेगा पारा
राजधानी रायपुर में आज आसमान मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक शहर का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दिन के समय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
कुछ इलाकों में बारिश के भी संकेत
भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में हल्की राहत की संभावना (Heat Wave) भी जताई है। प्रदेश के एक दो स्थानों पर मेघगर्जन के साथ तेज हवा चल सकती है। कहीं कहीं हल्की बारिश और वज्रपात की स्थिति भी बन सकती है जिससे कुछ इलाकों में तापमान में मामूली गिरावट देखने को मिल सकती है।
बिलासपुर रहा सबसे गर्म
पिछले दिनों प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से बहुत हल्की बारिश दर्ज की गई थी। वहीं बीते दिन बिलासपुर सबसे गर्म शहर रहा जहां अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सबसे कम न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस पेण्ड्रा रोड और अंबिकापुर में दर्ज किया गया।
केरल में जल्द पहुंच सकता है मानसून
मौसम विभाग का कहना है कि दक्षिण पश्चिम मानसून 26 मई के आसपास केरल में प्रवेश कर (Heat Wave) सकता है। हालांकि इसमें कुछ दिनों का अंतर संभव माना गया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अलग अलग क्षेत्रों में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण का असर आने वाले दिनों में मौसम पर देखने को मिल सकता है।



