सीजी भास्कर, 22 मई : रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह के निर्देश पर जल जीवन मिशन (Tender Cancellation News) के कार्यों में लापरवाही बरतने वाली निर्माण एजेंसियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिले के आठ गांवों में चल रहे कार्यों की निविदाएं निरस्त कर दी गई हैं। साथ ही संबंधित निर्माण एजेंसियों के अनुबंध समाप्त कर उनकी जमा EMD राशि राजसात करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। जल जीवन मिशन के कार्यों में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई मानी जा रही है।
जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (Tender Cancellation News) की समीक्षा बैठक में कार्यपालन अभियंता ने बताया कि कई ग्रामों में जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन और पेयजल से जुड़े निर्माण कार्य एजेंसियों द्वारा बीच में ही बंद कर दिए गए थे। बार-बार नोटिस जारी करने और समय सीमा बढ़ाने के बावजूद एजेंसियों ने कार्य पूरा करने में कोई गंभीरता नहीं दिखाई। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था प्रभावित होने लगी थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने नाराजगी जताई और तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
प्रशासन के अनुसार जिन गांवों में निविदाएं निरस्त की गई हैं उनमें आरंग ब्लॉक के गोढ़ी, राटाकाट और मालीडीह, अभनपुर ब्लॉक के हसदा और टीला, धरसींवा ब्लॉक के सारागांव और तर्रा तथा तिल्दा ब्लॉक का छपोरा गांव शामिल हैं। इन सभी गांवों में अब दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी ताकि पेयजल से जुड़े कार्यों को जल्द पूरा कराया जा सके। जिला प्रशासन का कहना है कि इस कार्रवाई से निर्माण एजेंसियों को साफ संदेश दिया गया है कि सरकारी योजनाओं में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जिन निर्माण एजेंसियों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है, उन्हें भविष्य में जल जीवन मिशन की किसी भी निविदा में भाग लेने का अवसर नहीं दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि जिले में पहली बार इस स्तर पर इतनी बड़ी कार्रवाई की गई है। इससे अन्य निर्माण एजेंसियों को भी समय पर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने का कड़ा संदेश मिला है।
कलेक्टर गौरव सिंह ने कहा कि जल जीवन मिशन (Tender Cancellation News) केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिक योजनाओं में शामिल है। ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में कार्य में लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रोजेक्ट्स की लगातार निगरानी की जाए और जहां भी कार्यों में देरी हो रही है वहां तुरंत समीक्षा कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट को दूर करने के लिए जल जीवन मिशन के तहत बड़े स्तर पर पाइपलाइन विस्तार, टंकियों का निर्माण और घर-घर नल कनेक्शन का कार्य किया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और लोगों को समय पर पेयजल सुविधा मिल सकेगी। Water Supply Scheme से जुड़े कार्यों में अब गुणवत्ता और समयसीमा दोनों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।



