सीजी भास्कर, 22 मई : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में खनिज संसाधनों (Mining Information Center) के प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनसहभागिता आधारित बनाने की दिशा में राज्य शासन द्वारा लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में प्रदेश में खनन गतिविधियों की प्रभावी निगरानी, नागरिकों से सीधा संवाद और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “खनन सूचना केंद्र” की स्थापना की गई है। Mining Information Center की स्थापना को खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
प्रदेश में खनिजों (Mining Information Center) से संबंधित गतिविधियों, शिकायतों और सूचनाओं के आदान-प्रदान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए संचालनालय, भूविज्ञान एवं खनिकर्म द्वारा टोल फ्री नंबर 1800-233-2140 जारी किया गया है। इस नंबर के माध्यम से आम नागरिक अवैध खनन, अवैध परिवहन, खनिज संबंधी अनियमितताओं और अन्य शिकायतों की जानकारी सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे। शासन का मानना है कि Mining Information Center के जरिए शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित होगी और निगरानी व्यवस्था अधिक मजबूत बनेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप स्थापित यह सूचना केंद्र पारदर्शी और उत्तरदायी प्रशासनिक व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगा। अब खनन गतिविधियों से जुड़ी शिकायतों और सूचनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए एक संस्थागत तंत्र उपलब्ध होगा। इससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ जवाबदेही को भी बढ़ावा मिलेगा। शासन का कहना है कि Mining Information Center के माध्यम से नागरिकों की भागीदारी भी बढ़ेगी और प्रशासन को सीधे फीडबैक प्राप्त होगा।
खनन सूचना केंद्र का संचालन कार्यालयीन समयानुसार प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5:30 बजे तक किया जाएगा। प्राप्त सूचनाओं पर त्वरित समन्वय और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त संचालक (खनिज प्रशासन) स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों के अनुसार शिकायतों की निगरानी और समाधान की पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित और जवाबदेह बनाया गया है।
प्रदेश सरकार लगातार खनिज संपदा के संरक्षण और अवैध खनन पर नियंत्रण के लिए तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर सुधार कर रही है। शासन का उद्देश्य खनन गतिविधियों को पारदर्शी बनाते हुए राजस्व संवर्धन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को मजबूत करना है। इसी दिशा में Mining Information Center को एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि खनिज (Mining Information Center) संपदा का संरक्षण, पारदर्शी उपयोग, राजस्व वृद्धि और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण जनसहभागिता तथा तकनीकी समन्वय के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने कहा कि “खनन सूचना केंद्र” शासन की संवेदनशील, जवाबदेह और पारदर्शी कार्यप्रणाली को मजबूत करने वाली जनहितकारी पहल है।



