सीजी भास्कर, 22 मई । रायपुर में सरकारी स्कूलों में स्थानीय शुल्क बढ़ाए जाने के विरोध में कांग्रेस ने शिक्षा विभाग कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने जॉइंट डायरेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए बढ़ाई गई फीस को तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और अभिभावक शामिल हुए। (Congress’s uproar)
कांग्रेस का सरकार पर हमला : Congress’s uproar
कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्रीकुमार मेनन ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आम जनता पहले से महंगाई की मार झेल रही है, ऐसे में सरकारी स्कूलों की फीस बढ़ाकर सरकार गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा के अधिकार को कमजोर करने का काम कर रही है।
हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी में बढ़ा स्थानीय शुल्क
दरअसल, स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए स्थानीय शुल्क में वृद्धि का आदेश जारी किया है। नए आदेश के अनुसार हाई स्कूल के विद्यार्थियों को अब 410 रुपये की जगह 500 रुपये जमा करने होंगे। वहीं हायर सेकेंडरी स्कूलों में शुल्क 445 रुपये से बढ़ाकर 550 रुपये कर दिया गया है। यानी हाई स्कूल स्तर पर 90 रुपये और हायर सेकेंडरी स्तर पर 105 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
आत्मानंद और अनुदान प्राप्त स्कूलों में भी लागू होगा आदेश : Congress’s uproar
शिक्षा विभाग का यह फैसला सिर्फ सरकारी स्कूलों तक सीमित नहीं रहेगा। यह आदेश स्वामी आत्मानंद स्कूलों और अनुदान प्राप्त विद्यालयों में भी लागू किया जाएगा। इससे लाखों विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर सीधा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
44 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों पर पड़ेगा असर
प्रदेश में करीब 56 हजार स्कूल संचालित हैं, जिनमें लगभग 56 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें से 44 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं सरकारी स्कूलों में पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में फीस वृद्धि से बड़ी संख्या में अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक भार बढ़ सकता है।
कांग्रेस की चेतावनी : Congress’s uproar
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने बढ़ाए गए शुल्क का आदेश वापस नहीं लिया तो प्रदेशभर में उग्र आंदोलन किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि शिक्षा को महंगा बनाना गरीब परिवारों के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।



