सीजी भास्कर, 23 मई : दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे ताकतवर रॉकेट बनाने वाली कंपनी स्पेसएक्स ने एक बार फिर अंतरिक्ष तकनीक में बड़ा कदम बढ़ाया है। एलन मस्क की कंपनी ने स्टारशिप वी3 (Starship V3) का सफल परीक्षण किया। करीब एक घंटे की उड़ान के बाद यह विशाल रॉकेट हिंद महासागर में उतरा, जहां स्प्लैशडाउन के तुरंत बाद इसमें विस्फोट हो गया। हालांकि कंपनी ने पहले ही साफ कर दिया था कि यह विस्फोट परीक्षण योजना का हिस्सा था।
शुक्रवार को हुए इस परीक्षण ने दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। लॉन्च के बाद स्टारशिप वी3 ने तय उड़ान मार्ग पर शानदार प्रदर्शन किया और कई अहम लक्ष्य पूरे किए। उड़ान समाप्त होने पर रॉकेट को हिंद महासागर में उतारा गया, जहां उसे नियंत्रित तरीके से नष्ट किया गया।
एक दिन टला था लॉन्च
यह परीक्षण उड़ान पहले एक दिन पहले होनी थी, लेकिन लॉन्च टावर में हाइड्रॉलिक पिन खराब होने की वजह से इसे टाल दिया गया था। तकनीकी दिक्कत दूर करने के बाद शुक्रवार को सफल लॉन्च किया गया।
इंजन में आई दिक्कत, फिर भी सफल माना गया मिशन
स्पेसएक्स के मुताबिक परीक्षण के दौरान रॉकेट के दोनों चरणों में इंजन फेलियर की समस्या सामने आई। इसके बावजूद कंपनी ने इसे सफल मिशन बताया है, क्योंकि उड़ान के ज्यादातर बड़े उद्देश्य पूरे कर लिए गए।
कंपनी का कहना है कि यह परीक्षण भविष्य के बड़े अंतरिक्ष अभियानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। स्टारशिप को मंगल ग्रह पर इंसानों को भेजने, भारी उपग्रह लॉन्च करने और नासा के आर्टेमिस मिशन में इस्तेमाल करने की तैयारी की जा रही है।
अंतरिक्ष यात्रा को सस्ता बनाने की तैयारी
स्टारशिप वी3 (Starship V3) को पूरी तरह दोबारा इस्तेमाल करने योग्य रॉकेट के रूप में विकसित किया जा रहा है। स्पेसएक्स का लक्ष्य है कि हर मिशन के बाद रॉकेट को फिर से उपयोग में लाया जा सके, जिससे अंतरिक्ष यात्रा की लागत काफी कम हो जाएगी। यह रॉकेट भारी पेलोड को अंतरिक्ष तक पहुंचाने की क्षमता रखता है और भविष्य में लंबी अंतरिक्ष यात्राओं की सबसे बड़ी उम्मीद माना जा रहा है।
एलन मस्क का मंगल मिशन सपना
एलन मस्क लंबे समय से इंसानों को मंगल ग्रह पर बसाने का सपना देखते रहे हैं। स्टारशिप परियोजना (Starship V3) उसी दिशा में सबसे बड़ा कदम मानी जा रही है। कंपनी का मानना है कि भविष्य में यही रॉकेट मंगल मिशन की रीढ़ बनेगा।
हालांकि परीक्षण के दौरान तकनीकी समस्याएं भी सामने आईं, लेकिन स्पेसएक्स अब अगली उड़ानों में इन कमियों को दूर करने की तैयारी कर रही है। अंतरिक्ष उद्योग में कंपनी का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है और यह परीक्षण भविष्य के बड़े मिशनों की मजबूत नींव माना जा रहा है।



