सीजी भास्कर, 29 मई। बिलासपुर में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार जारी है। गुरुवार को उमस ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। हालांकि शाम के समय तेज हवाओं के साथ जमकर बारिश हुई, जिससे मौसम सुहाना हो गया और ठंडी हवाएं चलने लगीं। (Bilaspur rain and power cut)
इसके बावजूद घरों में लोग उमस से परेशान रहे। इस दौरान शहर के सरकंडा, मंगला, अमेरी, शांति नगर और नेहरू नगर सहित कई इलाकों में देर रात तक बिजली बंद रही। सरकंडा क्षेत्र में बिजली कटौती से नाराज लोगों ने जमकर हंगामा भी किया।
गुरुवार को आसमान में हल्के बादल छाए रहे, लेकिन इसका तापमान पर कोई खास असर नहीं पड़ा। बुधवार के बाद गुरुवार को भी अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 0.4 डिग्री अधिक रहा।
वहीं, न्यूनतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.5 डिग्री कम रहा। सुबह के समय हवा में 46 प्रतिशत तक नमी दर्ज होने से उमस और अधिक महसूस की गई। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी झारखंड के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से शुक्रवार को आंधी और बारिश होने की संभावना है।
लगातार दूसरे दिन अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले 26 मई को तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।
तेज हवा चलते ही बिजली बंद : Bilaspur rain and power cut
इधर, शाम को तेज हवाएं चलने के बाद शहर के सरकंडा, मोपका, गीतांजली सिटी, नेहरू नगर, मंगला, उसलापुर और कोनी सहित कई इलाकों में पेड़ों की टहनियां गिरने से बिजली के तार टूटने की जानकारी सामने आई।
इसके चलते इन क्षेत्रों में घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रही। सरकंडा के बंधवापारा इलाके में 11 केवी लाइन पर पेड़ की टहनी टूटकर फंस गई, जिसे हटाने में करीब पांच घंटे लग गए। इसके कारण सरकंडा क्षेत्र में देर रात तक बिजली सप्लाई प्रभावित रही।
लोगों ने मचाया जमकर हंगामा
बंधवापारा में देर रात तक नगर निगम के लिफ्टर की मदद से पेड़ की टूटी हुई टहनी हटाने के लिए बिजली विभाग के कर्मचारी जुटे रहे। इस दौरान कर्मचारियों ने टहनी का एक हिस्सा तार पर ही छोड़ दिया। इसे देखकर वहां मौजूद लोग भड़क गए।
लोगों का कहना था कि बिजली के तार पर टहनी फंसी रहने से रात में फिर बिजली गुल हो सकती है। इसे लेकर लोगों ने जमकर हंगामा किया और नगर निगम की गाड़ी को भी रोक दिया। हालांकि बिजली सप्लाई शुरू होने और अगले दिन टहनी हटाने के आश्वासन के बाद लोग शांत हो गए।
लापरवाह बिजली अफसरों पर भड़के ईडी
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती से त्रस्त जनता का फोन न उठाने वाले लापरवाह अफसरों पर बिजली विभाग के ईडी एके अम्बस्थ का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कहा कि जब फोन ही अटेंड नहीं करोगे, तो लोगों की समस्या कैसे जानोगे?
गुरुवार को बिजली विभाग के ग्रामीण क्षेत्र के 24 वितरण केंद्रों के एई और जेई की बैठक लेते हुए ईडी ने अफसरों को निर्देश दिए कि फोन न उठने की शिकायत तुरंत बंद होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर व्यस्तता है तो कम से कम मैसेज के जरिए उपभोक्ताओं को सही स्थिति की जानकारी दें।
ईडी ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि बिजली बंद होने से ज्यादा शिकायतें आप लोगों के फोन अटेंड नहीं करने की आ रही हैं। एक ही जगह की बार-बार शिकायत क्यों आ रही है।
लापरवाही पर दी सख्त चेतावनी : Bilaspur rain and power cut
ईडी ने सभी एई और जेई को सख्त निर्देश दिए कि कॉल अटेंड न करने का रवैया तुरंत खत्म करें। जो भी शिकायतें आ रही हैं, उनका तय समय में निपटारा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अब कोई बहानेबाजी नहीं चलेगी। अधिकारी फील्ड पर रहकर काम करें, वरना अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।




