सीजी भास्कर, 02 जून : छत्तीसगढ़ के नवगठित गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले के कोटमी बाजार में हुए बेहद चर्चित और रूह कंपा देने वाले सराफा व्यवसायी प्रदीप सोनी हत्याकांड को आज पूरे छह दिन बीत चुके हैं। लेकिन, बेहद शर्मनाक बात यह है कि हाई-प्रोफाइल मामला होने के बावजूद स्थानीय पुलिस के हाथ अब तक पूरी तरह से खाली हैं। घटना के इतने दिन बाद भी अंधेर नगरी चौपट राजा की तर्ज पर खाकी वर्दीधारी कातिलों की परछाई तक भी नहीं पहुंच सके हैं।
पुलिस प्रशासन की इस सुस्त रफ्तार और लचर कार्यप्रणाली को लेकर पीड़ित सोनी परिवार, स्थानीय सराफा संघ और आम व्यापारियों में भारी आक्रोश और उबाल देखा जा रहा है। इसी बीच, मामले ने अब एक बड़ा राजनीतिक मोड़ भी ले लिया है। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी के नेतृत्व में बिलखते पीड़ित परिवार और सैकड़ों व्यापारियों ने सीधे जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया और मामले की निष्पक्ष केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की पुरजोर मांग उठाई। इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे प्रदेश में (CG Trader Murder Case) को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
कलेजा चीर देने वाली चीख
कलेक्टर कार्यालय परिसर में उस वक्त मौजूद हर एक व्यक्ति की आंखें नम हो गईं और सन्नाटा पसर गया, जब मृतक सराफा कारोबारी प्रदीप सोनी की मासूम बेटी ने प्रशासनिक अधिकारियों के सामने रोते-बिलखते हुए अपना गहरा दर्द और आक्रोश बयां किया। फूट-फूट कर रोते हुए बेटी ने कड़े शब्दों में कहा, “मेरे निर्दोष पिता की बेरहमी से जान लेने वाले उन दरिंदे हत्यारों को इस सभ्य समाज में जिंदा रहने का कोई अधिकार नहीं है। पुलिस और प्रशासन आखिर छह दिनों से कौन सी नींद सो रहा है? कानून का खौफ अपराधियों के दिलों से पूरी तरह खत्म हो चुका है।”
कांपती आवाज में बेटी ने आगे प्रशासन से एक बेहद आक्रामक मांग करते हुए कहा कि आरोपियों को बिना समय गंवाए जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उन्हें कोर्ट-कचहरी के लंबे चक्कर में डालने के बजाय तत्काल एनकाउंटर कर मौत के घाट उतारा जाना चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को सच्चा न्याय मिल सके। बेटी की इस मांग ने जिले के भीतर कानून-व्यवस्था के प्रति जनता के टूटते भरोसे और गहरे गुस्से (CG Trader Murder Case) को साफ तौर पर उजागर कर दिया है।
दहशत के साए में जीने को मजबूर ग्रामीण व्यापारी
कलेक्टर को सौंपे गए विस्तृत ज्ञापन के माध्यम से पीड़ित परिवार और चेंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों ने छत्तीसगढ़ के साप्ताहिक और सुदूर ग्रामीण बाजारों में जाकर कारोबार करने वाले छोटे व मझोले सराफा व्यापारियों की सुरक्षा का मुद्दा बहुत ही प्रमुखता से उठाया। परिजनों का कहना है कि प्रदीप सोनी की हत्या किसी सुनियोजित डकैती या रंजिश का हिस्सा हो सकती है। ऐसे में जो व्यापारी रोज अपनी जान जोखिम में डालकर लाखों के जेवरात लेकर देहाती इलाकों में जाते हैं, उनकी सुरक्षा राम भरोसे है।
व्यापारियों ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित तीन कड़े बिंदु और मांगें प्रमुखता से रखी हैं
पुलिस पेट्रोलिंग : ग्रामीण और साप्ताहिक हाट-बाजारों के मुख्य मार्गों पर पुलिस की विशेष सशस्त्र टीम द्वारा नियमित पेट्रोलिंग कराई जाए।
शस्त्र लाइसेंस (Arms License) : बढ़ते अपराध, लूटपाट और भय के इस खौफनाक माहौल को देखते हुए पीड़ित परिवार और क्षेत्र के अन्य प्रतिष्ठित व्यापारियों को आत्मरक्षा (Self Defense) के लिए प्राथमिकता के आधार पर तत्काल शस्त्र लाइसेंस जारी किए जाएं।
सीसीटीवी और सुरक्षा : कोटमी बाजार सहित जिले के सभी प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों में हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे जिला प्रशासन के खर्च पर तत्काल स्थापित हों।
व्यापारियों का साफ कहना है कि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से आज पूरा व्यापारिक जगत खुद को असुरक्षित और लाचार महसूस कर रहा है।
अमित जोगी का सरकार पर सीधा तीखा हमला
इस पूरे प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) के सुप्रीमो अमित जोगी ने प्रदेश की वर्तमान विष्णुदेव साय सरकार की कानून-व्यवस्था पर बेहद तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आज पूरे छत्तीसगढ़ में अपराधियों और कट्टाधारियों के हौसले बुलंद हैं, जबकि दिन-रात मेहनत कर टैक्स देने वाला देश का व्यापारी वर्ग खौफ के साए में जीने को मजबूर है।
अमित जोगी ने कलेक्टर कार्यालय के बाहर मीडिया से बात करते हुए साफ तौर पर चेतावनी दी कि यदि आगामी 48 घंटों के भीतर प्रदीप सोनी के हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं की जाती है और इस पूरे षड्यंत्र की बारीकी से जांच करने के लिए केस को किसी केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) को नहीं सौंपा जाता है, तो जेसीसीजे (JCCJ) पीड़ित परिवार और पूरे व्यापारिक महासंघ के साथ मिलकर सड़क पर उतरेगी। इसके बाद पूरे बिलासपुर संभाग में उग्र आंदोलन, अनिश्चितकालीन बंद और चक्काजाम किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस महकमे की होगी।




