सीजी भास्कर, 02 जून : छत्तीसगढ़ में नौतपा के खत्म होने के बाद भी मौसम का मिजाज पूरी तरह से अनिश्चित और उतार-चढ़ाव भरा बना हुआ है। प्रदेश की जनता को एक तरफ जहां चिलचिलाती धूप और उमस परेशान कर रही है, वहीं दूसरी तरफ अंधड़ और आंधी-पानी का दौर राहत भी दे रहा है। मौसम विभाग ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए आगामी पांच दिनों तक पूरे प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की आधिकारिक संभावना जताई है। विभाग के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के कई संवेदनशील इलाकों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज चक्रवाती हवाएं चल सकती हैं। हालांकि, इस राहत के बीच एक डराने वाली खबर यह भी है कि अगले 24 घंटों के बाद राज्य के अधिकतम तापमान में एक बार फिर 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। मौसम का यह दोहरा रूप (CG Weather Report) इस समय आम जनता के स्वास्थ्य के लिए भी परीक्षा का समय बना हुआ है।
आंधी के साथ हल्की बौछारें पड़ने की उम्मीद
प्रादेशिक मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के वैज्ञानिकों के अनुसार, एक विशेष द्रोणिका (ट्रफ लाइन) के प्रभाव से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में अगले पांच दिनों तक अंधड़, आंधी और बिजली चमकने का यह सिलसिला रुक-रुक कर जारी रह सकता है। राजधानी रायपुर, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर समेत कई मैदानी जिलों में दोपहर या शाम के समय अचानक धूलभरी तेज आंधी चलने की प्रबल संभावना जताई गई है। रायपुर शहर की बात करें, तो यहाँ आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ ही देर शाम हल्की बारिश या गरज-चमक की स्थिति निर्मित हो सकती है।
आने वाले दिनों में रायपुर का अधिकतम तापमान लगभग 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने का अनुमान लगाया गया है। मौसम विज्ञानियों ने आम जनता, विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों को हिदायत दी है कि वे तेज हवाओं, धूलभरी आंधी और खराब विजिबिलिटी के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और पेड़ों व बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें।
गरियाबंद में सबसे ज्यादा बरसे बदरा, तो राजनांदगांव में छूटे पसीने
पिछले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ के कई अंचलों में प्री-मानसून एक्टिविटी के चलते हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर तापमान में गिरावट आई है। आंकड़ों के लिहाज से देखें, तो इस अवधि में सबसे अधिक 30 मिलीमीटर (3 सेमी) बारिश गरियाबंद जिले में रिकॉर्ड की गई, जिसने वहां के लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से बड़ी राहत दी। इसके बाद दक्षिण के सुकमा और उत्तर के सूरजपुर जिले के रामानुजनगर क्षेत्र में 20-20 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
इसके अलावा बस्तर संभाग के तोकापाल, जगदलपुर और दंतेवाड़ा सहित कई अंदरूनी इलाकों में भी बादलों ने जमकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें, तो सोमवार को पूरे प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव जिले में दर्ज किया गया, जहां लोग लू के थपेड़ों से बेहाल रहे। वहीं, दूसरी ओर प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड हुआ, जिससे वहां रातों में हल्की ठंडक का अहसास बना हुआ है। मौसम का यह उतार-चढ़ाव (CG Weather Report) के विश्लेषण को और अधिक दिलचस्प बनाता है।




