सीजी भास्कर, 01 जून। प्रदेश में सड़क और आधारभूत संरचना से जुड़े विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने बड़ा एक्शन प्लान तैयार (Road Development) किया है। आगामी बारिश के बाद निर्माण कार्यों को तेजी से शुरू करने के उद्देश्य से अधिकारियों को स्पष्ट समयसीमा तय कर दी गई है। विभाग ने लंबित और स्वीकृत परियोजनाओं को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
- 30 जून तक निविदा, 31 जुलाई तक कार्यादेश : Road Development
- भारतमाला परियोजना से जोड़ी जाएंगी राज्य की सड़कें
- पहुंचविहीन गांवों को मिलेगी प्राथमिकता
- नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष योजना
- गुणवत्ता और भुगतान पर विशेष जोर
- लापरवाह ठेकेदारों पर होगी कार्रवाई
- भू अर्जन और सड़क मरम्मत पर फोकस
- प्रशासनिक व्यवस्था होगी और मजबूत
नवा रायपुर में आयोजित समीक्षा बैठक में सड़क, पुल और अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी प्रक्रियाएं निर्धारित अवधि के भीतर पूरी करनी होंगी।
30 जून तक निविदा, 31 जुलाई तक कार्यादेश : Road Development
लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने विभाग के मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं और कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने मार्च 2026 तक स्वीकृत सभी कार्यों के लिए 30 जून तक निविदा आमंत्रित करने और 31 जुलाई तक कार्यादेश जारी करने के निर्देश दिए, ताकि बारिश खत्म होते ही निर्माण कार्य शुरू किए जा सकें।
भारतमाला परियोजना से जोड़ी जाएंगी राज्य की सड़कें
बैठक में अधिकारियों को भारतमाला परियोजना की सड़कों से राज्य की प्रमुख सड़कों को जोड़ने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए फोरलेन सड़क निर्माण की संभावनाओं पर भी काम करने को कहा गया, जिससे प्रदेश को राष्ट्रीय सड़क नेटवर्क का अधिक लाभ मिल सके।
पहुंचविहीन गांवों को मिलेगी प्राथमिकता
सचिव ने चालू वित्तीय वर्ष में प्रस्तावित 36 द्रुतगामी सड़कों के साथ ही दूरस्थ और पहुंचविहीन गांवों के लिए सड़क एवं पुल निर्माण की योजना प्राथमिकता से तैयार करने को कहा। अधिकारियों को 10 जून तक प्राथमिकता सूची और 31 जुलाई तक प्राक्कलन भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष योजना
बैठक में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रही सड़क संपर्क परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। निर्देश दिए गए कि संबंधित सभी कार्यों को 31 मार्च 2027 तक हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में आवागमन और विकास गतिविधियों को मजबूती मिल सके।
गुणवत्ता और भुगतान पर विशेष जोर
विभागीय सचिव ने कहा कि ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों का परीक्षण कर समय पर भुगतान सुनिश्चित (Road Development) किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भुगतान से पहले कार्यों का पूरी तरह सत्यापन किया जाए और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो।
लापरवाह ठेकेदारों पर होगी कार्रवाई
निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि समयसीमा और गुणवत्ता का पालन अनिवार्य है। काम में ढिलाई या लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
भू अर्जन और सड़क मरम्मत पर फोकस
अधिकारियों को भू अर्जन से जुड़े मामलों को मिशन मोड में निपटाने और अगले तीन से छह माह में लंबित प्रकरणों का समाधान करने को कहा गया। साथ ही मानसून को देखते हुए प्रदेशभर में सड़क मरम्मत कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
प्रशासनिक व्यवस्था होगी और मजबूत
बैठक में विभागीय परिसंपत्तियों के डिजिटाइजेशन, ई ऑफिस प्रणाली के विस्तार, कार्यालयों के पुनर्गठन और ऑनलाइन मॉनिटरिंग व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर (Road Development) दिया गया।
सचिव ने कहा कि प्रशासकीय स्वीकृति के बाद तकनीकी स्वीकृति, निविदा और कार्यादेश जारी करने की प्रक्रिया अधिकतम दो से तीन माह के भीतर पूरी की जानी चाहिए। उन्होंने चालू वित्तीय वर्ष के बजट में शामिल परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत कर शीघ्र शुरू करने के निर्देश भी दिए।




