सीजी भास्कर, 02 जून : छत्तीसगढ़ में जल्द ही यात्री बसों का सफर (CG Bus Fare Hike) महंगा हो सकता है। लगातार बढ़ती डीजल कीमतों और बस संचालन की बढ़ती लागत को देखते हुए बस संचालकों ने किराया बढ़ाने की मांग तेज कर दी है। इसी मुद्दे पर परिवहन विभाग ने प्रदेशभर के बस संचालकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की, जिसमें किराया वृद्धि, डीजल मूल्य के अनुसार किराया निर्धारण, यात्री सुरक्षा और परमिट नियमों सहित कई अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में बस संचालकों ने विभाग के सामने अपनी समस्याएं रखते हुए कहा कि राज्य में आखिरी बार वर्ष 2021 में यात्री बस किराए में संशोधन किया गया था। इसके बाद बीते वर्षों में डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है, जबकि बस किराया पुराने ढांचे पर ही संचालित हो रहा है। संचालकों का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में बसों का संचालन करना आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
बस ऑपरेटरों ने सुझाव दिया कि बस किराया वृद्धि (CG Bus Fare Hike) को डीजल की कीमतों से जोड़ने के लिए स्थायी नीति बनाई जाए। उनका तर्क है कि यदि डीजल के दाम बढ़ते या घटते हैं तो उसी अनुपात में किराए में भी संशोधन हो सकेगा, जिससे बार-बार किराया पुनरीक्षण की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इस व्यवस्था से यात्रियों और बस संचालकों दोनों को पारदर्शी और संतुलित प्रणाली का लाभ मिलेगा।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बस संचालकों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि प्रदेश में नई किराया दरें तय करने से पहले अन्य राज्यों की व्यवस्थाओं और किराया संरचना का अध्ययन किया जाएगा। तुलनात्मक अध्ययन के बाद नई दरों को लेकर जल्द निर्णय लिया जाएगा। इससे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में यात्री बस किराया (CG Bus Fare Hike) को लेकर सरकार बड़ा फैसला ले सकती है।
बैठक में अखिल भारतीय पर्यटक परमिट (All India Tourist Permit) के दुरुपयोग का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि पर्यटक परमिट प्राप्त वाहनों का उपयोग नियमित यात्री परिवहन सेवा के रूप में किए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने कहा कि परमिट की शर्तों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए विभाग ने बस संचालकों को कई महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किए। सभी स्टेज कैरिज बसों में कुल सीट क्षमता का 25 प्रतिशत हिस्सा महिला यात्रियों के लिए आरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा दिव्यांग यात्रियों के लिए न्यूनतम तीन सीटें आरक्षित रखना और उनके सुरक्षित चढ़ने-उतरने की व्यवस्था सुनिश्चित करना अनिवार्य किया गया है।
परिवहन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रत्येक यात्री को प्री-प्रिंटेड टिकट देना अनिवार्य होगा। टिकट में परमिट नंबर, वाहन नंबर, मार्ग, किराया, टिकट क्रमांक और परिचालक की जानकारी दर्ज रहनी चाहिए। साथ ही टिकट रिकॉर्ड कम से कम दो वर्षों तक सुरक्षित रखना होगा।
सुरक्षा मानकों को लेकर भी विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। सभी यात्री बसों, स्लीपर कोच और स्कूल बसों में अग्निशामक यंत्र, आपातकालीन निकास द्वार, आपातकालीन खिड़कियां, फर्स्ट एड बॉक्स, फायर डिटेक्शन सिस्टम और अन्य सुरक्षा उपकरणों को कार्यशील स्थिति में रखना अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन विभाग का कहना है कि यात्री सुरक्षा और नियमों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है। वहीं बस संचालकों को उम्मीद है कि उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर सरकार सकारात्मक निर्णय लेते हुए जल्द ही बस किराया वृद्धि (CG Bus Fare Hike) को लेकर नई घोषणा कर सकती है।




