सीजी भास्कर, 06 जून। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को खत्म करने की कोशिशों के बीच एक बार फिर निराशाजनक खबर (Russia Ukraine War) सामने आई है। दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की उम्मीद तब जगी थी जब यूक्रेन की ओर से शीर्ष स्तर पर सीधे संवाद का प्रस्ताव रखा गया था। हालांकि इस पहल को रूस की तरफ से स्वीकार नहीं किया गया, जिससे शांति वार्ता को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
युद्ध के लंबे दौर से गुजर रहे दोनों देशों के बीच बातचीत की संभावनाओं पर दुनिया की नजर बनी हुई है। ऐसे समय में आए इस घटनाक्रम को संघर्ष समाप्त करने की दिशा में बड़ा झटका माना जा रहा है।
आमने सामने बैठक के प्रस्ताव पर नहीं बनी बात : Russia Ukraine War
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को सीधे बातचीत का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने युद्ध समाप्त करने के लिए दोनों नेताओं के बीच आमने सामने बैठक की आवश्यकता बताई थी। जेलेंस्की का मानना था कि शीर्ष स्तर पर बातचीत से किसी समाधान का रास्ता निकल सकता है।
पुतिन ने प्रस्ताव किया खारिज
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसी बैठक का कोई विशेष औचित्य नहीं बनता। पुतिन के अनुसार पहले विशेषज्ञ स्तर पर ठोस समाधान और समझौते के बिंदु तैयार होने चाहिए, उसके बाद नेताओं की बैठक पर विचार किया जा सकता है।
पत्र को लेकर भी जताई आपत्ति
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें जेलेंस्की का पत्र पूरी तरह ईमानदार नहीं लगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि पत्र में कुछ ऐसी टिप्पणियां थीं जिन्हें वे उचित नहीं मानते। इसी वजह से उन्होंने तत्काल किसी प्रत्यक्ष मुलाकात की संभावना से इनकार कर दिया।
युद्ध जारी रखने के संकेत
पुतिन ने दोहराया कि रूस अपने घोषित उद्देश्यों को हासिल करने तक अभियान जारी (Russia Ukraine War) रखेगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में यूक्रेन की प्राथमिकता केवल रूसी सेना की प्रगति को रोकना दिखाई देती है। इस बयान को युद्ध जारी रहने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
जेलेंस्की की तीखी प्रतिक्रिया
रूसी राष्ट्रपति के बयान के बाद जेलेंस्की ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि रूस ने एक बार फिर शांति की बजाय संघर्ष का रास्ता चुना है। यूक्रेनी राष्ट्रपति के मुताबिक यह प्रतिक्रिया उन लोगों के लिए भी निराशाजनक है जो युद्ध समाप्त होने की उम्मीद कर रहे थे।
अब भी कायम है बड़ा विवाद
रूस और यूक्रेन के बीच सबसे बड़ा विवाद उन क्षेत्रों को लेकर है जिन पर रूस का नियंत्रण है। रूस चाहता है कि यूक्रेन उन इलाकों पर अपना दावा छोड़ दे, जबकि यूक्रेन इसके लिए तैयार नहीं है। इसी मुद्दे को दोनों देशों के बीच समझौते की राह में सबसे बड़ी बाधा माना जा रहा है।
दुनिया की नजर आगे की रणनीति पर
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटनाक्रम पर नजर रखी (Russia Ukraine War) जा रही है। कई देशों को उम्मीद थी कि प्रत्यक्ष वार्ता से गतिरोध टूट सकता है, लेकिन ताजा घटनाक्रम ने फिलहाल ऐसी संभावनाओं को कमजोर कर दिया है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में दोनों पक्ष बातचीत की दिशा में कोई नया कदम उठाते हैं या संघर्ष का दौर आगे भी जारी रहता है।



