सीजी भास्कर, 12 जून : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचा दी। भेड़िया नवागांव क्षेत्र में स्थित BSNL Tower Collapse की बड़ी घटना सामने आई, जहां 131 फीट 5 इंच ऊंचा लोहे का बीएसएनएल टॉवर तेज हवाओं के दबाव में टूटकर खेत में गिर गया। टॉवर गिरने की जोरदार आवाज से आसपास के ग्रामीण दहशत में आ गए। राहत की बात यह रही कि टॉवर आबादी वाले क्षेत्र से दूर खेत में गिरा, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
रात 2 बजे के बाद मचा हड़कंप
ग्रामीणों के अनुसार रात करीब 2 से 3 बजे के बीच अचानक तेज आंधी और तूफान शुरू हुआ। कुछ ही देर में तेज हवाओं ने बीएसएनएल टॉवर को अपनी चपेट में ले लिया और विशालकाय ढांचा बीच से टूटकर जमीन पर आ गिरा। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
गुणवत्ता और रखरखाव पर उठे सवाल
जनपद सदस्य सतीश भेड़िया ने बताया कि टॉवर बीच से मुड़कर टूट गया। उनका कहना है कि यदि यह रिहायशी इलाके में गिरता तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने बीएसएनएल के टॉवरों की गुणवत्ता और नियमित रखरखाव पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच की मांग की है।
दूसरी बार गिरा BSNL टॉवर
जानकारी के मुताबिक बालोद जिले में बीएसएनएल टॉवर गिरने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले डौंडीलोहारा ब्लॉक के खामतराई गांव में भी एक टॉवर गिर चुका है। उस घटना में आंगनबाड़ी भवन क्षतिग्रस्त हुआ था और टॉवर को दोबारा स्थापित करने में करीब एक वर्ष का समय लगा था।
तीन गांवों में नेटवर्क सेवाएं ठप
बीएसएनएल अधिकारियों के अनुसार गिरा हुआ टॉवर करीब 10 वर्ष पुराना था। टॉवर ध्वस्त होने के बाद भेड़िया नवागांव, अंगारी और बिरेतरा सहित आसपास के क्षेत्रों में बीएसएनएल नेटवर्क पूरी तरह बंद हो गया है। इससे मोबाइल और संचार सेवाओं पर असर पड़ा है।
15 गांवों में बिजली संकट, 50 से ज्यादा पेड़ गिरे
तूफान का असर सिर्फ टॉवर तक सीमित नहीं रहा। तेज हवाओं के कारण कई मकानों के टीन-छप्पर उड़ गए। वहीं 50 से अधिक पेड़ जड़ से उखड़ गए और 11 से ज्यादा बिजली पोल क्षतिग्रस्त हो गए। अंगारी रोड, बोड़की और निपानी रोड क्षेत्र के करीब 15 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे ग्रामीणों को रातभर अंधेरे में रहना पड़ा।
बिजली विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त लाइनों और पोलों की मरम्मत में जुटी हुई हैं। प्रशासन भी हालात पर नजर बनाए हुए है।



