सीजी भास्कर, 18 जून। महादेव सट्टा ऐप के कथित संचालक सौरभ चंद्राकर से जुड़ी एक वायरल चैट को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक स्क्रीनशॉट में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम से कथित बातचीत दिखाई गई है। इस मामले को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की है। (Mahadev App Chat Controversy)
वायरल चैट को भूपेश बघेल ने बताया फर्जी : Mahadev App Chat Controversy
सोशल मीडिया पर प्रसारित स्क्रीनशॉट में दावा किया गया कि महादेव ऐप के कथित संचालक सौरभ चंद्राकर और भूपेश बघेल के नाम से जुड़े एक यूजर के बीच बातचीत हुई है। वायरल कंटेंट में एक संदेश दिखाया गया है, जिसमें कथित तौर पर फोन नंबर मांगकर बातचीत करने की बात कही गई है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस दावे को पूरी तरह निराधार और फर्जी बताया है। उन्होंने कहा कि फोटोशॉप के जरिए तैयार की गई तस्वीरों के आधार पर भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं। उनका कहना है कि वायरल चैट का उनसे कोई संबंध नहीं है और यह उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थाने पहुंचकर की शिकायत
विवाद बढ़ने के बाद बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता भिलाई-3 थाने पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए मामले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पूर्व मुख्यमंत्री की छवि खराब करने के उद्देश्य से सुनियोजित तरीके से फर्जी सामग्री प्रसारित की गई है।
कार्यकर्ताओं ने पुलिस को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की। इस दौरान थाने परिसर में काफी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।
दो यूट्यूबर्स पर एफआईआर, जांच शुरू
पुलिस के अनुसार शिकायत के आधार पर दो यूट्यूबर्स के खिलाफ मामला (Mahadev App Chat Controversy) दर्ज किया गया है। आरोप है कि उन्होंने कथित वायरल स्क्रीनशॉट के आधार पर सामग्री प्रसारित की थी। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं भूपेश बघेल ने भी संकेत दिए हैं कि फर्जी जानकारी प्रसारित करने वालों के खिलाफ उनकी कानूनी टीम अलग से कार्रवाई करेगी।





