सीजी भास्कर, 19 जून : छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर से एक ऐसा दिल दहला देने वाला और दर्दनाक सड़क हादसा (Bilaspur Trailer Accident ) सामने आया है, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भूलने वाला गहरा जख्म दे दिया है। रतनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिलासपुर-कटघोरा नेशनल हाईवे पर अपनी छोटी बहन की ख्वाहिश पूरी करने के लिए बाजार से मोमोज लेकर बाइक पर घर लौट रहे दो सगे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई। हाईवे पर कोयले से लदे एक तेज रफ्तार और बेकाबू ट्रेलर ने लापरवाही पूर्वक खोदे गए गड्ढे के पास नियंत्रण खो दिया और वह सीधे बाइक सवार भाइयों के ऊपर जा पलटा। इस भीषण हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
नाली निर्माण के लिए खोदा गया गड्ढा बना काल
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह भीषण हादसा रतनपुर बस स्टैंड के पास स्थित एक पेट्रोल पंप के सामने हुआ। यहाँ नेशनल हाईवे के किनारे करीब 4 महीने पहले नाली निर्माण के उद्देश्य से एक बड़ा और गहरा गड्ढा खोदा गया था। बाद में नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHAI) के विरोध और आपत्ति के बाद निर्माण कार्य को तो बीच में ही रोक दिया गया, लेकिन ठेकेदार और संबंधित निर्माण एजेंसी ने लापरवाही बरतने हुए उस खोदे गए खतरनाक गड्ढे को वापस मिट्टी से नहीं भरा और सड़क किनारे ही निर्माण सामग्री छोड़ दी।
गुरुवार की रात करीब 8:00 बजे बिलासपुर की ओर जा रहा कोयले से लदा एक तेज रफ्तार ट्रेलर (क्र. CG 12 BH 2296) जैसे ही इस खुदाई वाले हिस्से के पास पहुंचा, तभी अचानक उसके चालक ने वाहन पर से अपना नियंत्रण खो दिया। बेकाबू हुआ भारी-भरकम ट्रेलर सीधे नाली के गड्ढे में जा घुसा और सड़क की तरफ पलट गया।
ट्रेलर के नीचे दबने से मौके पर ही थमीं सांसें
जिस वक्त यह बेकाबू ट्रेलर पलटा, ठीक उसी समय वहां से बाइक पर गुजर रहे दोनों सगे भाई उसकी सीधी चपेट में आ गए। टन वजनी कोयले और लोहे के चेचिस के नीचे दबने के कारण दोनों युवकों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और दम घुटने व गंभीर चोटों के कारण मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
मृतकों की पहचान बेलतरा के पास स्थित ग्राम बेलपारा निवासी संदीप रजक (23 वर्ष) और उसके छोटे भाई प्रदीप रजक (16 वर्ष) के रूप में की गई है। रिश्तेदारों ने बताया कि दोनों भाई बेहद मेहनती थे और एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करते थे। बड़ा भाई संदीप ट्रेलर ड्राइवर था, जबकि छोटा भाई प्रदीप मैकेनिक का काम सीख रहा था। पिता की असमय मृत्यु के बाद इन दोनों युवा कंधों पर ही अपनी बूढ़ी मां और एक छोटी बहन की पूरी जिम्मेदारी थी, जो इस हादसे के बाद पूरी तरह टूट चुकी हैं।
बहन के आखिरी शब्द बने जिंदगी का अंत
परिजनों ने रुआंसे गले से बताया कि संदीप और प्रदीप रात को अपना काम खत्म करने के बाद घर लौट रहे थे। इसी बीच उनकी छोटी बहन ने फोन करके दोनों भाइयों से बड़े चाव से मोमोज लाने की फरमाइश की थी। बहन की बात मानकर दोनों भाई होटल गए, वहां से मोमोज पैक कराया और खुशी-खुशी घर की तरफ बढ़े थे। उन्हें क्या पता था कि कुछ ही दूरी पर मौत उनका इंतजार कर रही है। घर पर दोनों भाइयों की राह देख रही मां और बहन के पास जब उनकी मौत की खबर पहुंची, तो घर में चीख-पुकार मच गई।
हाईड्रा की मदद से निकाले गए शव
हादसे की भयावहता को देखते हुए हाईवे पर जाम लग गया और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही रतनपुर थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। भारी-भरकम ट्रेलर को हटाने के लिए तत्काल क्रेन और हाइड्रा मशीन को मौके पर बुलाया गया। काफी मशक्कत के बाद ट्रेलर को सीधा कर दोनों भाइयों के शवों को बाहर निकाला जा सका।
शुरुआत में पुलिस को अंदेशा था कि मृतक बाहरी हो सकते हैं, लेकिन जैसे ही उनकी शिनाख्त स्थानीय ग्रामीण युवकों के रूप में हुई, वैसे ही सड़क की बदहाली और लापरवाही को लेकर ग्रामीणों के बीच भारी आक्रोश भड़क उठा। किसी भी प्रकार के हिंसक प्रदर्शन, चक्काजाम या कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए रतनपुर पुलिस ने सूझबूझ का परिचय दिया और एहतियात के तौर पर दोनों शवों को तत्काल अपनी कस्टडी में लेकर जिला अस्पताल रवाना कर दिया। रतनपुर पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर ट्रेलर चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।





