सीजी भास्कर, 20 जून : किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी (Chhattisgarh Agriculture Model) , रिकॉर्ड 141 लाख मीट्रिक टन उपार्जन और तकनीक आधारित पारदर्शी व्यवस्था ने छत्तीसगढ़ को देश में कृषि क्षेत्र का एक सफल मॉडल बना दिया है। यही वजह है कि अब दूसरे राज्य भी छत्तीसगढ़ के कृषि विकास मॉडल से सीख लेने के लिए आगे आ रहे हैं। इसी कड़ी में महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर पहुंचकर राज्य की धान खरीदी व्यवस्था, किसान हितैषी योजनाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाले मॉडलों का अध्ययन किया।
राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने कृषि क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों, किसानों को मिल रही सुविधाओं और धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का आधार खेती-किसानी है और राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है।
देश के सबसे बड़े धान खरीदी अभियानों में शामिल है छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि प्रदेश में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। खरीफ विपणन वर्ष में लगभग 141 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया, जो देश के सबसे बड़े धान खरीदी अभियानों में शामिल है। किसानों की सुविधा के लिए प्रदेशभर में लगभग 2700 धान उपार्जन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और तकनीक आधारित तरीके से संपन्न होती है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि किसानों को पंजीयन से लेकर तौल, परिवहन और भुगतान तक किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसी उद्देश्य से पूरी व्यवस्था को सरल और डिजिटल बनाया गया है, जिससे किसानों को समय पर भुगतान भी सुनिश्चित हो रहा है।
कृषि के साथ पशुपालन और मत्स्य पालन को भी मिल रहा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को कृषक उन्नति योजना सहित किसानों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में लगातार वृद्धि हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए समन्वित रूप से कार्य कर रही हैं। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक कृषि तकनीकों और फसल विविधीकरण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
महाराष्ट्र के विधायकों ने की धान खरीदी मॉडल की सराहना
महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि छत्तीसगढ़ से लगे उनके राज्य के चार जिलों में बड़ी संख्या में किसान धान की खेती करते हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था, किसानों को मिलने वाला समर्थन और प्रशासनिक प्रबंधन उनके लिए अध्ययन का महत्वपूर्ण विषय है।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने माना कि किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने और खरीदी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए छत्तीसगढ़ में किए गए प्रयास अनुकरणीय हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का धान खरीदी मॉडल किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण का सफल उदाहरण बन चुका है और इसके विभिन्न पहलुओं को महाराष्ट्र में भी लागू करने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।
राज्यों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान जरूरी : CM साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्यों के बीच सफल मॉडलों और अनुभवों का आदान-प्रदान देश के कृषि क्षेत्र को नई मजबूती प्रदान करता है। ऐसे अध्ययन भ्रमण से राज्यों को एक-दूसरे की सफल योजनाओं को समझने और स्थानीय जरूरतों के अनुसार अपनाने का अवसर मिलता है।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, महाराष्ट्र के विधायक डॉ. परिणय फुके, विनोद अग्रवाल, राजू कारेमोरे और संजय पुराम, छत्तीसगढ़ मार्कफेड के अध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।





