सीजी भास्कर, 05 अगस्त : पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओके) की मौजूदा स्थिति (PoK Crisis) को लेकर भारत ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है। विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि जून से अब तक पीओके में कम से कम 90 नागरिकों की मौत हुई है और स्थानीय लोगों के विरोध प्रदर्शनों को बल प्रयोग, दमन तथा संचार प्रतिबंधों के जरिए दबाया जा रहा है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन घटनाओं का संज्ञान लेने और पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराने की अपील की है।
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स्थानीय निकाय चुनावों पर विदेश मंत्रालय ने उठाए सवाल
विदेश मंत्रालय (PoK Crisis) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पीओके में हाल ही में कराए गए स्थानीय निकाय चुनाव वहां की वास्तविक स्थिति को नहीं बदल सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया का इस्तेमाल क्षेत्र में व्याप्त असंतोष और गंभीर हालात से ध्यान हटाने के लिए किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग, संचार सेवाओं पर प्रतिबंध और अन्य कठोर कदम उठाए जा रहे हैं, जो चिंता का विषय हैं।
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पाकिस्तान को ठहराया जिम्मेदार
भारत (PoK Crisis) ने कहा कि पीओके में नागरिकों के साथ हो रही कथित हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए पाकिस्तान पूरी तरह जिम्मेदार है। विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन घटनाओं पर गंभीरता से ध्यान देने और पाकिस्तान से जवाब मांगने का आग्रह किया। मंत्रालय के अनुसार, विरोध प्रदर्शनों के दौरान कई लोगों की मौत हुई है, जबकि बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों और छात्र नेताओं को हिरासत में लिए जाने की खबरें भी सामने आई हैं।
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सीमा पार आतंकवाद पर भी दोहराया भारत का रुख
विदेश मंत्रालय ने कहा कि पीओके (PoK Crisis) में मौजूदा हालात स्थानीय लोगों के अधिकारों और स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। भारत ने यह भी दोहराया कि पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए और क्षेत्र में मानवाधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करना चाहिए। इस बीच, कुछ अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार और प्रेस स्वतंत्रता से जुड़े संगठनों ने भी पीओके में कथित हिंसा, संचार प्रतिबंध और मीडिया पर नियंत्रण को लेकर चिंता जताई है।
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