सीजी भास्कर, 04 अगस्त। धमतरी के जनजातीय कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों और जनजातीय उद्यमियों के लिए बड़ी खुशखबरी (TRIFED Empanelment) है। उनके पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के उद्देश्य से 21 अगस्त को जिले में विशेष सूचीबद्धीकरण मेला आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन के जरिए स्थानीय कारीगरों को अपने हुनर को बड़े मंच पर ले जाने का अवसर मिलेगा।
जिला प्रशासन और भारत सरकार के संयुक्त प्रयास से आयोजित होने वाला यह मेला जनजातीय उत्पादों की ब्रांडिंग, विपणन और व्यवसाय विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे स्थानीय कला और हस्तशिल्प को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

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TRIFED Empanelment के जरिए मिलेगा बड़ा बाजार
21 अगस्त 2026 को धमतरी में जनजातीय कारीगर सूचीबद्ध (एम्पैनलमेंट) मेला आयोजित किया जाएगा। इसका आयोजन ट्राइफेड (TRIFED), जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जिला प्रशासन धमतरी के सहयोग से किया जा रहा है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा ने बताया कि पात्र जनजातीय कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों, वन धन विकास केंद्रों, किसान उत्पादक संगठनों और जनजातीय उद्यमियों का ट्राइफेड में सूचीबद्धीकरण किया जाएगा।
सूचीबद्ध होने पर मिलेंगे कई बड़े अवसर
ट्राइफेड में सूचीबद्ध होने के बाद कारीगरों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियों, Tribes India आउटलेट्स, व्यापार मेलों, विशेष प्रदर्शनियों और अन्य विपणन गतिविधियों में अपने उत्पाद प्रदर्शित और बेचने का अवसर मिलेगा।
इससे उनके उत्पादों को नई पहचान, बेहतर कीमत और देश-विदेश के नए बाजार तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।
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इन उत्पादों का होगा पंजीयन
मेले में वस्त्र एवं हस्तशिल्प, धातु शिल्प, जैविक और प्राकृतिक उत्पाद, मिट्टी शिल्प, बांस एवं बेंत शिल्प, जनजातीय आभूषण, उपहार सामग्री, पारंपरिक चित्रकला तथा अन्य जनजातीय हस्तनिर्मित उत्पादों का सूचीबद्धीकरण किया जाएगा।
कारीगरों को ट्राइफेड के विशेषज्ञ उत्पादों की गुणवत्ता, पंजीयन प्रक्रिया, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी देंगे, ताकि वे बड़े बाजारों की जरूरतों के अनुरूप अपने उत्पाद तैयार कर सकें।
अधिक से अधिक सहभागिता की अपील TRIFED Empanelment
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा ने जिले के सभी जनजातीय कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों, वन धन विकास केंद्रों, किसान उत्पादक संगठनों और जनजातीय उद्यमियों से इस मेले में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन स्थानीय जनजातीय कला और शिल्प को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच दिलाने की दिशा में अहम पहल है। ट्राइफेड से जुड़ने पर कारीगरों को ब्रांडिंग, विपणन, प्रदर्शनी और व्यवसाय विस्तार के नए अवसर मिलेंगे।
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आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
जिला प्रशासन का उद्देश्य जनजातीय समुदायों की पारंपरिक कला और शिल्प को बढ़ावा देकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर (TRIFED Empanelment) बनाना है। यह पहल “वोकल फॉर लोकल” और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करने के साथ-साथ धमतरी के जनजातीय उत्पादों को देश और विदेश में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
रिपोर्टर : रिजवान मेमन



