सीजी भास्कर, 20 जून। बलौदाबाजार जिले के कई गांवों में इन दिनों किसानों के बीच एक खास विषय चर्चा (Nano DAP) का केंद्र बना हुआ है। सहकारी समितियों में लग रहे शिविरों और नुक्कड़ नाटकों के कारण बड़ी संख्या में किसान जुट रहे हैं और खेती में इस्तेमाल होने वाले नए विकल्पों के बारे में जानकारी ले रहे हैं। खेत और खाद से जुड़ी बातों पर ग्रामीणों की उत्सुकता साफ दिखाई दे रही है।
गांवों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान किसान खुलकर सवाल पूछ रहे हैं और विशेषज्ञों से सीधे जवाब भी प्राप्त कर रहे हैं। कई किसानों का कहना है कि पहले उन्हें नई उर्वरक तकनीकों को लेकर पर्याप्त जानकारी नहीं थी, लेकिन अब उनकी शंकाएं धीरे धीरे दूर हो रही हैं। इसी उद्देश्य से जिला प्रशासन ने व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया है।
नैनो उर्वरकों पर विशेष जागरूकता अभियान : Nano DAP
किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक खेती की ओर प्रेरित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष किसान जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन में चल रहे इस अभियान के तहत किसानों को नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के उपयोग, उनके लाभ और वैज्ञानिक तथ्यों की जानकारी दी जा रही है। साथ ही किसानों के बीच इन उर्वरकों को लेकर मौजूद भ्रम, अफवाह और आशंकाओं को दूर करने का भी प्रयास किया जा रहा है ताकि वे सही जानकारी के आधार पर निर्णय ले सकें।
नुक्कड़ नाटक से समझाई जा रही उपयोगिता
बलौदाबाजार भाटापारा जिले की 50 सहकारी समितियों को इस अभियान के लिए चयनित (Nano DAP) किया गया है। इन स्थानों पर विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां आकर्षक नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से किसानों को नैनो उर्वरकों के फायदे और उनके उपयोग की जानकारी आसान भाषा में समझाई जा रही है। इस तरीके से किसानों तक संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि वे नई कृषि तकनीकों को बेहतर ढंग से समझ सकें।
विशेषज्ञ दे रहे तकनीकी मार्गदर्शन
नुक्कड़ नाटक के बाद कृषि विभाग के अधिकारी और ग्राम कृषि विशेषज्ञ किसानों को नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया से जुड़ी तकनीकी जानकारी प्रदान कर रहे हैं। कार्यक्रमों में किसानों द्वारा पूछे गए सवालों और जिज्ञासाओं का समाधान भी मौके पर किया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त डिजिटल वॉल पेंटिंग, पोस्टर और पाम्पलेट के जरिए भी व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार किया जा रहा है। किसानों को व्यक्तिगत रूप से पाम्पलेट वितरित कर उपयोग की विधि, लाभ और जरूरी सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है।
किसानों ने साझा किए अनुभव
ग्राम ओडान के किसान भोज राम वर्मा ने बताया कि पहले उन्हें नैनो यूरिया के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। इस कार्यक्रम में शामिल होने के बाद उन्हें कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं और विशेषज्ञों ने उनके सवालों के जवाब भी दिए। उन्होंने कहा कि अब तक वे पारंपरिक यूरिया का उपयोग करते रहे हैं, लेकिन इस बार नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का इस्तेमाल करने की योजना बना रहे हैं।
वहीं ग्राम वटगन के किसान सुभाष वर्मा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समय समय पर आयोजित किए जाने चाहिए। इससे किसानों को नई तकनीकों और कृषि संबंधी योजनाओं की जानकारी मिलती है, जिनसे कई बार वे अनजान रह जाते हैं। उन्होंने इस पहल के लिए जिला प्रशासन का आभार भी जताया।
वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने का प्रयास
जिला प्रशासन का उद्देश्य किसानों तक वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित सही जानकारी पहुंचाना (Nano DAP) है। प्रशासन का मानना है कि यदि किसान आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाते हैं तो उत्पादन और उत्पादकता दोनों में वृद्धि संभव है।
जागरूक होगा किसान उन्नत होगी खेती के संदेश के साथ यह अभियान जिले की विभिन्न सहकारी समितियों में लगातार चलाया जा रहा है। लवन, तिल्दा, अहिल्दा, सरखोर, बम्हनपुरी, रिसदा, खम्हरिया, सेमराडीह, रसेड़ा, डमरू, कसडोल, कटगी, अमोदी, हंसुवा, सोनाखान, गिरौद, चिखली, कुम्हारी, सुहेला, भटभेरा, अर्जुनी, मिरगी, तरेंगा भाटापारा, खैरा, मोपका, ओडान, वटगन, कोसमंदी, अमेरा, कोनारी, लच्छनपुर और रोहांसी सहित कुल 50 सहकारी समितियों में यह जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है।





