सीजी भास्कर, 21 जून : सुदूर वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत पीडियाकोट में आयोजित विशेष शिविर ( Social Security Pension) ग्रामीणों के लिए केवल प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सुशासन, जनसेवा और सामाजिक जागरूकता का प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया। जिले के अंतिम छोर तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से लगाए गए इस शिविर में सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों को सुविधाओं से जोड़ने के साथ-साथ नशामुक्ति का संदेश भी दिया गया।
ग्रामीणों, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और महिलाओं की बड़ी भागीदारी वाले इस शिविर में प्रशासनिक अधिकारियों ने पेंशन योजनाओं से जुड़े विभिन्न मामलों ( Social Security Pension) का मौके पर निराकरण किया। साथ ही हितग्राहियों को बैंकिंग और डिजिटल प्रक्रियाओं की जानकारी देकर भविष्य में मिलने वाली सुविधाओं को और सरल बनाने की दिशा में पहल की गई।
नारायणपुर जिले के पीडियाकोट में आयोजित शिविर के दौरान सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के बैंक खाते और आधार संबंधी जानकारी का संकलन किया गया। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के हितग्राहियों को भविष्य में पेंशन भुगतान की प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। प्रशासन ने इसे ग्रामीणों के डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
पेंशन भुगतान व्यवस्था को बनाया जा रहा अधिक सुगम
शिविर का मुख्य उद्देश्य उन हितग्राहियों को नई व्यवस्था से जोड़ना था, जिन्हें अब तक पेंशन प्राप्त करने में विभिन्न प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया कि आधार और बैंक खाते की जानकारी अद्यतन रहने से पेंशन राशि समय पर और सुरक्षित तरीके से प्राप्त हो सकेगी।
इस दौरान हितग्राहियों के आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया गया तथा उन्हें बैंकिंग प्रक्रियाओं से संबंधित जानकारी भी प्रदान की गई। ग्रामीणों को निकटतम बैंक शाखा में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने की सलाह दी गई ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन (Social Security Pension) योजनाओं का उद्देश्य वृद्धजन, दिव्यांग और जरूरतमंद नागरिकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। पीडियाकोट शिविर में पात्र हितग्राहियों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान भी किया गया।
समस्याओं का मौके पर हुआ निराकरण
दूरस्थ क्षेत्र होने के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण शिविर स्थल पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों और पंचायत कर्मियों ने पेंशन संबंधी शिकायतें सुनीं और कई मामलों का तत्काल समाधान किया। ग्रामीणों ने प्रशासन को गांव तक पहुंचकर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सराहा।
इसके अलावा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर लोगों को उनका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। ग्रामीणों का कहना था कि ऐसी पहल से उन्हें कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और योजनाओं की जानकारी सीधे गांव में मिल जाती है।
शिविर में नशा मुक्त भारत अभियान (Nasha Mukt Bharat Abhiyan) के तहत ग्रामीणों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया और स्वयं को नशे से दूर रखने की शपथ भी ली।
नशामुक्त समाज के निर्माण का लिया संकल्प
शिविर का एक महत्वपूर्ण पहलू सामाजिक जागरूकता भी रहा। ग्रामीणों को बताया गया कि नशे की लत न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि परिवार और समाज की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति पर भी नकारात्मक असर डालती है।
कार्यक्रम के समापन पर ग्रामीणों, युवाओं, पंचायत प्रतिनिधियों और हितग्राहियों ने सामूहिक रूप से नशामुक्ति की शपथ ली। उन्होंने गांव को नशे से मुक्त बनाने और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प व्यक्त किया।
प्रशासन का मानना है कि पीडियाकोट जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में इस प्रकार के शिविर न केवल शासन और जनता के बीच भरोसा मजबूत करते हैं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा, जनजागरूकता और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।





