सीजी भास्कर, 21 जून। देश के कृषि निर्यात क्षेत्र से एक ऐसी खबर सामने (Egg Powder ) आई है, जिसने खाद्य प्रसंस्करण और पोल्ट्री उद्योग से जुड़े लोगों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। लंबे समय से भारतीय कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार में नई पहचान दिलाने की कोशिशें चल रही थीं और अब एक नया उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में दस्तक देने में सफल रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि केवल एक निर्यात तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे भारतीय पोल्ट्री उद्योग के लिए विदेशों में नए अवसर तैयार हो सकते हैं। खासकर यूरोपीय बाजार में बढ़ती मांग को देखते हुए इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ओडिशा के बालांगीर से पहली बार सूखे साबुत अंडा पाउडर की व्यावसायिक खेप ऑस्ट्रिया भेजी गई है। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण की सहायता से हुए इस निर्यात को भारतीय खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
बालांगीर में तैयार हुई आधुनिक इकाई Egg Powder
इस उत्पाद को तैयार करने के लिए बालांगीर में आधुनिक अंडा प्रसंस्करण इकाई स्थापित की गई थी। वर्ष 2025 में शुरू हुई यह इकाई अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप उत्पादन करती है। यहां तैयार उत्पाद यूरोपीय देशों की स्वच्छता और गुणवत्ता संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी स्वीकार्यता बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
क्या है अंडा पाउडर
अंडा पाउडर तरल अंडों को विशेष तकनीक के माध्यम से सुखाकर तैयार किया जाता है। इस प्रक्रिया के बाद उत्पाद लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है और इसकी गुणवत्ता भी बरकरार रहती है। परिवहन और भंडारण में आसानी होने के कारण इसकी मांग खाद्य उद्योग में तेजी से बढ़ रही है। कई देशों में इसका उपयोग बड़े पैमाने पर किया जाता है।
कई उद्योगों में होता है इस्तेमाल
सूखे साबुत अंडा पाउडर का उपयोग बेकरी उत्पादों, मिठाई उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों और कुछ औषधीय उत्पादों के निर्माण में किया जाता है। उत्पाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए इसे कई चरणों की जांच और परीक्षण प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसके लिए सख्त मानक निर्धारित किए जाते हैं।
22.6 मीट्रिक टन की खेप रवाना
ऑस्ट्रिया भेजी गई पहली व्यावसायिक खेप का वजन 22.6 मीट्रिक टन बताया (Egg Powder ) गया है। इस खेप को वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से रवाना किया गया। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी, जिला प्रशासन के प्रतिनिधि, निर्यातक कंपनी और कृषि निर्यात क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारक भी मौजूद रहे।
किसानों और उद्योग को मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार इस निर्यात से ओडिशा में पोल्ट्री आधारित उद्योगों को नई गति मिल सकती है। इससे अंडा उत्पादन और प्रसंस्करण से जुड़े किसानों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं। निर्यात बढ़ने से कृषि आधारित उद्योगों में निवेश की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
यूरोपीय बाजार में बढ़ रही मांग
यूरोप के कई देशों में अंडा पाउडर की मांग लगातार बढ़ रही है। खाद्य निर्माण कंपनियां और प्रसंस्करण उद्योग बड़े पैमाने पर इस उत्पाद का उपयोग करते हैं। ऐसे में भारत से पहली बार इस उत्पाद की व्यावसायिक खेप का निर्यात देश को वैश्विक खाद्य आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में अन्य देशों से भी मांग बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।





