सीजी भास्कर, 22 जून। शहर में मानसून की पहली बारिश ने नगर निगम की प्री-मानसून तैयारियों की हकीकत सामने ला दी है। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बीच नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने महापौर मीनल चौबे और निगम अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय रहते नाले की सफाई नहीं कराए जाने का खामियाजा जनता भुगत रही है। (Raipur Waterlogging Issue)
दो महीने पहले दी थी जलभराव की चेतावनी : Raipur Waterlogging Issue
आकाश तिवारी ने बताया कि उन्होंने करीब दो माह पहले जोन क्रमांक-4 की समीक्षा बैठक में नूरानी चौक, राजातालाब और अरमान नाला क्षेत्र में जलभराव की आशंका जताई थी। उन्होंने नाले की मैनुअल सफाई कराने का सुझाव भी दिया था, लेकिन जोन कमिश्नर दिव्या चंद्रवंशी सहित संबंधित अधिकारियों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।
चार साल तक होती रही नियमित सफाई
नेता प्रतिपक्ष के अनुसार, गोविंद नगर-रविनगर से ऑक्सीजन होते हुए नूरानी चौक जाने वाले नाले की पिछले चार वर्षों से नियमित मैनुअल सफाई कराई जाती रही थी। इसी वजह से क्षेत्र में जलभराव की समस्या नहीं आती थी। इस वर्ष सफाई कार्य नहीं होने से पहली ही बारिश में पंडित रविशंकर शुक्ल वार्ड क्रमांक-34, नूरानी चौक, राजातालाब और अरमान नाला जलमग्न हो गए।
आयुक्त को भी दी थी लिखित जानकारी : Raipur Waterlogging Issue
आकाश तिवारी ने दावा किया कि उन्होंने नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा को भी वार्ड की स्थिति और संभावित जलभराव को लेकर लिखित रूप से अवगत कराया था। इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे स्थानीय नागरिकों में नाराजगी बढ़ गई है।





