सीजी भास्कर, 24 जून। खरीफ सीजन के बीच जिले में खाद की गुणवत्ता को लेकर फिर चर्चा तेज (Fertilizer Quality) हो गई है। खेती की तैयारियों में जुटे किसानों के बीच उस समय हलचल बढ़ गई जब जांच के लिए भेजे गए कुछ नमूनों की रिपोर्ट सामने आई। कृषि विभाग की कार्रवाई के बाद अब संबंधित संस्थाओं और कंपनियों की जवाबदेही पर भी सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से खाद की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सुनाई देती रही हैं। इस बार भी जांच के दौरान ऐसे नमूने सामने आए हैं जो तय मानकों पर खरे नहीं उतरे। रिपोर्ट आने के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पांच नमूने जांच में अमानक Fertilizer Quality
खरीफ वर्ष 2026-27 के दौरान जिले में खाद के लिए गए नमूनों की गुणवत्ता जांच में पांच नमूने अमानक पाए गए हैं। जिन लाटों से इन नमूनों को लिया गया था उनमें 35 टन से अधिक खाद का भंडारण मौजूद था।
विक्रेता और कंपनी को नोटिस
मामले में कृषि विभाग ने संबंधित विक्रेताओं और निर्माता कंपनियों को नोटिस जारी किया है। विभाग ने दोनों पक्षों से जवाब प्रस्तुत करने को कहा है और आगे की कार्रवाई जवाब मिलने के बाद की जाएगी।
सहकारी संस्थाओं के नमूने भी फेल
अमानक पाए गए पांच नमूनों में चार नमूने सहकारी संस्थाओं में भंडारित खाद से लिए गए थे। वहीं एक नमूना निजी क्षेत्र की दुकान से संग्रहित किया गया था।
हथखोज, सेलूद और धमधा में मिली गड़बड़ी
खाद संग्रहण केन्द्र हथखोज से लिए गए एसएसपी (जी) उर्वरक के दो नमूने मानकों पर खरे नहीं (Fertilizer Quality) उतरे। इनमें एक लाट में 12 टन और दूसरे में 1.4 टन खाद उपलब्ध था।
इसी तरह खाद संग्रहण केन्द्र सेलूद में एसएसपी (पी) उर्वरक का एक नमूना अमानक पाया गया। नमूना लिए जाने के समय वहां 2.5 टन खाद मौजूद था।
खाद संग्रहण केन्द्र धमधा में जेडएन एसएसपी (पी) उर्वरक का नमूना भी गुणवत्ता जांच में फेल मिला। संबंधित लाट में 5 टन खाद का भंडारण था।
निजी दुकान का नमूना भी फेल
निजी क्षेत्र की दुकान ताम्रकार फर्टिलाइजर्स, धमधा से लिए गए जेडएन एसएसपी (जी) उर्वरक के नमूने की रिपोर्ट भी संतोषजनक (Fertilizer Quality) नहीं रही। जिस लाट से नमूना लिया गया था उसमें 14.250 टन खाद उपलब्ध था और यह नमूना भी गुणवत्ता जांच में अमानक पाया गया।





