सीजी भास्कर, 27 जून। रायगढ़ जिले में हाथियों के एक झुंड को भगाने की कोशिश का वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग (Elephant Video) अलर्ट हो गया है। वीडियो में बड़ी संख्या में ग्रामीण शोर मचाते हुए हाथियों के पीछे दौड़ते नजर आ रहे हैं। कुछ लोग हाथियों की ओर पत्थर फेंकते और पटाखे जलाकर उन्हें भगाने की कोशिश करते भी दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है।
घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की समझाइश दी। साथ ही वीडियो के आधार पर हाथियों को परेशान करने वाले लोगों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है।
सुबह खेत में पहुंचे थे दो हाथी Elephant Video
जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह करीब 5 से 6 बजे के बीच दो हाथी छाल रेंज से निकलकर घरघोड़ा वन परिक्षेत्र के छर्राटांगर इलाके में पहुंच गए। इस दौरान दोनों हाथी गांव के खेतों में चले गए। हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही गांव के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। इसके बाद कुछ ग्रामीणों ने शोर मचाते हुए हाथियों को खेतों से भगाने का प्रयास शुरू कर दिया।
वीडियो में दिखी खतरनाक हरकत
घटना का जो वीडियो सामने आया है, उसमें कुछ लोग हाथियों की तरफ पत्थर फेंकते और उनके नजदीक पटाखे फोड़ते नजर आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की हरकत हाथियों को और ज्यादा आक्रामक बना सकती है, जिससे जानमाल का बड़ा नुकसान हो सकता है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग ने पूरे मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
वीडियो के आधार पर होगी कार्रवाई
घरघोड़ा के प्रभारी रेंजर विक्रांत कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच (Elephant Video) गई थी। वीडियो में कुछ लोग हाथियों को दौड़ाते और परेशान करते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वीडियो की जांच कर संबंधित लोगों की पहचान की जाएगी और वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जिले में 162 हाथियों की मौजूदगी
वन विभाग के अनुसार रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ और रायगढ़ वन मंडल में वर्तमान में कुल 162 हाथी विचरण कर रहे हैं। इनमें धर्मजयगढ़ वन मंडल में 132 और रायगढ़ वन मंडल में 30 हाथी शामिल हैं। इन हाथियों में 44 नर, 87 मादा और 31 शावक हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि हाथी दिखाई देने पर उन्हें उकसाने या भगाने की कोशिश न करें और तुरंत वन विभाग को सूचना दें।



