सीजी भास्कर, 28 जून। Apple के लिए iPhone के पार्ट्स बनाने वाली Tata Electronics को बड़े साइबर सुरक्षा संकट का सामना करना पड़ा है। Tata Electronics Data Leak मामले में कंपनी के कथित गोपनीय दस्तावेज डार्क वेब पर लीक होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी ने पूरे मामले की जांच के लिए एक अंतरराष्ट्रीय साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ कंपनी को नियुक्त किया है। साथ ही इस घटना की जानकारी भारत सरकार और अपने प्रमुख ग्राहकों को भी दे दी गई है।
डार्क वेब पर अपलोड हुईं 2 लाख से ज्यादा फाइलें
रिपोर्ट्स के अनुसार World Leaks नाम के रैनसमवेयर ग्रुप ने डार्क वेब पर 2 लाख से अधिक फाइलें अपलोड करने का दावा किया है। इन कथित दस्तावेजों में Apple और Tesla से जुड़े डिजाइन दस्तावेज भी शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि इन दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। Tata Electronics Data Leak पर कंपनी का कहना है कि उसे एक साइबर सुरक्षा घटना की जानकारी मिली है, लेकिन इससे कंपनी के उत्पादन या दैनिक संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
सुरक्षा नियम किए गए और सख्त
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि लीक हुए डेटा में TSMC और Qualcomm जैसी कंपनियों से जुड़े कुछ कथित दस्तावेज भी शामिल हैं। इसके बाद Tata Electronics ने अपने कार्यालयों और विनिर्माण इकाइयों में साइबर सुरक्षा नियमों को और कड़ा कर दिया है। अब केवल चुनिंदा कर्मचारियों को ही दूर से कंपनी के संवेदनशील सिस्टम तक पहुंच दी जा रही है। खरीद प्रणाली और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल टूल्स की एक्सेस भी सीमित कर दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
Apple की सिक्योरिटी टीम भी कर रही सहयोग
रिपोर्ट्स के मुताबिक Apple की साइबर सिक्योरिटी टीम भी इस मामले में Tata Electronics के साथ मिलकर जांच और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में सहयोग कर रही है। साल 2020 में शुरू हुई Tata Electronics आज Apple की सबसे महत्वपूर्ण भारतीय सप्लायर कंपनियों में शामिल है। Apple चीन पर अपनी निर्भरता कम करते हुए भारत में iPhone निर्माण का तेजी से विस्तार कर रही है, जिसमें Tata Electronics की अहम भूमिका है।
भारत में बढ़ रहा iPhone निर्माण
बाजार अनुसंधान कंपनी Counterpoint के अनुसार वर्ष 2026 तक दुनिया के करीब 26 प्रतिशत iPhone भारत में बनने की संभावना है, जबकि चार वर्ष पहले यह आंकड़ा केवल 6 प्रतिशत था। ऐसे में Tata Electronics Data Leak को Apple और उसकी वैश्विक सप्लाई चेन के लिए महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा चुनौती माना जा रहा है।



