सीजी भास्कर, 30 जून : बदलते दौर में खेती अब केवल जीविकोपार्जन का पारंपरिक साधन (Success Story) नहीं, बल्कि बेहतर आय का एक भरोसेमंद जरिया बनती जा रही है। इसका एक बेहतरीन उदाहरण महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड के ग्राम जुनवानी खुर्द के प्रगतिशील किसान ओमनारायण ध्रुव ने पेश किया है। ओमनारायण ने उद्यानिकी फसलों की वैज्ञानिक खेती और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है, जो आज क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गए हैं।
सरकारी योजना और अनुदान का उठाया पूरा लाभ
करीब 2.32 हेक्टेयर सिंचित कृषि भूमि के मालिक ओमनारायण ध्रुव सालभर विभिन्न प्रकार की उद्यानिकी फसलों की खेती करते हैं, जिससे उन्हें नियमित आमदनी होती है। वर्ष 2025-26 में उन्होंने राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत ‘सब्जी क्षेत्र विस्तार योजना’ का लाभ उठाते हुए एक हेक्टेयर क्षेत्र में करेले की खेती शुरू की। इस कार्य के लिए उन्हें उद्यानिकी विभाग की ओर से 24 हजार रुपये का अनुदान मिला। इसके साथ ही, फसल को सहारा देने के लिए आधा हेक्टेयर क्षेत्र में सपोर्ट सिस्टम (मचान विधि) स्थापित करने के लिए ₹5,000 की अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी प्रदान की गई।
ड्रिप सिंचाई और आधुनिक यंत्रों से घटी लागत
ओमनारायण ने अपनी खेती में पारंपरिक तरीकों को छोड़कर ड्रिप सिंचाई (टपक सिंचाई) और आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग किया। इससे न केवल पानी की भारी बचत हुई और जल संरक्षण को बढ़ावा मिला, बल्कि खाद-दवाई और मजदूरी की लागत पर भी कड़ा नियंत्रण रहा। आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों का परिणाम यह रहा कि उन्हें प्रति एकड़ लगभग 12 टन (120 क्विंटल) करेले का शानदार उत्पादन प्राप्त हुआ। बाजार में औसतन 15 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से फसल बेचने के बाद, खेती की कुल लागत को घटाकर उन्हें करीब 96 हजार रुपये प्रति एकड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ।
अन्य ग्रामीणों के लिए बने प्रेरणास्रोत
प्रगतिशील किसान ओमनारायण ध्रुव अपनी इस शानदार सफलता का पूरा श्रेय राष्ट्रीय बागवानी मिशन, उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से मिले तकनीकी मार्गदर्शन और खेती के आधुनिक तौर-तरीकों को देते हैं। उनकी इस बड़ी उपलब्धि और मुनाफे को देखकर अब आसपास के गांवों के कई अन्य किसान भी पारंपरिक धान की खेती के साथ-साथ सब्जी और अन्य उद्यानिकी फसलों की व्यावसायिक खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं, जिससे क्षेत्र के किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।



