सीजी भास्कर, 02 जुलाई : स्मार्ट मीटर (Smart Meter Protest) और बढ़े हुए बिजली बिल को लेकर दुर्ग में बुधवार को जनदर्शन के दौरान लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और विरोध प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट के सामने ही स्मार्ट मीटर जमीन पर पटककर तोड़ दिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर दोबारा लगाने तथा बिजली की बढ़ी हुई दरों को वापस लेने की मांग की।
बिजली उत्पादन यहीं, फिर भी बढ़ रहे बिल
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि छत्तीसगढ़ में बिजली का उत्पादन राज्य के कोयले से होता है। इसके बावजूद लगातार बिजली दरों में बढ़ोतरी की जा रही है। महंगाई पहले से ही लोगों की कमर तोड़ रही है, जबकि आमदनी में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है। ऐसे में घरेलू खर्च संभालना मुश्किल हो गया है और बढ़े हुए बिजली बिलों ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।
स्मार्ट मीटर लगने के बाद बढ़ गया बिजली बिल
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि स्मार्ट मीटर (Smart Meter) लगने के बाद उनके घरों का बिजली बिल पहले की तुलना में काफी अधिक आने लगा है। उनका कहना है कि घर में बिजली की खपत बढ़ाने वाला कोई नया उपकरण नहीं लगाया गया, फिर भी हर महीने बिल लगातार बढ़ रहा है। इससे उपभोक्ताओं के मन में मीटर की कार्यप्रणाली को लेकर संदेह पैदा हो गया है।
मीटर की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
लोगों ने कहा कि उन्हें इलेक्ट्रॉनिक स्मार्ट मीटर की विश्वसनीयता पर भरोसा नहीं है। उनका आरोप है कि इन मीटरों में गड़बड़ी या हेरफेर की संभावना अधिक रहती है। उन्होंने यह भी कहा कि अब बिजली विभाग बिना घर पहुंचे ही कार्यालय से बिजली कनेक्शन काट या जोड़ सकता है और मीटर रीडिंग भी दूर से ली जा सकती है, जिससे उपभोक्ताओं की परेशानियां बढ़ सकती हैं।
जबरन मीटर लगाने का लगाया आरोप
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेशभर में लोगों की इच्छा के विरुद्ध स्मार्ट मीटर लगाए गए। कई स्थानों पर विरोध के बावजूद कर्मचारियों ने बिजली कनेक्शन काटने की चेतावनी देकर मीटर लगा दिए। उनका कहना है कि मीटर लगाने पहुंचे कई कर्मचारियों के पास किसी अधिकृत संस्था का पहचान पत्र तक नहीं था और पूरी प्रक्रिया बिना सहमति के जल्दबाजी में पूरी कराई गई।
पुराने मीटर बहाल करने की मांग
जनदर्शन में पहुंचे लोगों ने कलेक्टर से मांग की कि उनकी शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर दोबारा लगाने, बिजली की बढ़ी हुई दरों को वापस लेने और आम उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।



