सीजी भास्कर, 03 जुलाई : भारतीय नौसेना (Indian Navy Action) ने अदन की खाड़ी (Gulf of Aden) में समुद्री डकैती की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर भारत के लिए महत्वपूर्ण सामान लेकर जा रहे मालवाहक जहाज को सुरक्षित बचा लिया। आईएनएस त्रिकंड (INS Trikand) की त्वरित कार्रवाई और मरीन कमांडो (MARCOS) की मुस्तैदी से जहाज और उसके चालक दल को किसी भी नुकसान से सुरक्षित निकाल लिया गया।
समुद्री डाकुओं ने मालवाहक जहाज को बनाया निशाना
जानकारी के अनुसार, समुद्री डाकुओं ने मालवाहक जहाज एमवी गोल्डन आर्सेनल (MV Golden Arsenal) को निशाना बनाया था। जहाज पर एक भारतीय चालक दल का सदस्य भी मौजूद था। हमले के दौरान चालक दल ने सूझबूझ का परिचय देते हुए स्वयं को जहाज के सुरक्षित हिस्से में बंद कर लिया और रेडियो संचार के माध्यम से भारतीय नौसेना से तत्काल मदद मांगी। इससे समुद्री डाकू जहाज पर पूरी तरह कब्जा करने में सफल नहीं हो सके।
INS Trikand की त्वरित कार्रवाई से भागे समुद्री डाकू
संकट का संदेश मिलते ही आसपास तैनात आईएनएस त्रिकंड (INS Trikand) तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुआ। भारतीय युद्धपोत के पहुंचने की सूचना मिलते ही समुद्री डाकू मौके से फरार हो गए। इसके बाद मरीन कमांडो (MARCOS) ने जहाज पर चढ़कर पूरे पोत की गहन तलाशी ली और यह सुनिश्चित किया कि वहां कोई संदिग्ध या खतरा मौजूद नहीं है।
चालक दल और जहाज पूरी तरह सुरक्षित
पूरी जांच के बाद भारतीय नौसेना ने मालवाहक जहाज को सुरक्षित घोषित कर दिया। इस अभियान के दौरान चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित रहे और जहाज को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
हिंद महासागर में फिर दिखी भारतीय नौसेना की ताकत
इस सफल अभियान के साथ भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने एक बार फिर हिंद महासागर क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का प्रदर्शन किया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्रवाई से समुद्री सुरक्षा को लेकर भारत की मजबूत रणनीतिक मौजूदगी और प्रभावी सैन्य क्षमता का संदेश दुनिया तक पहुंचा है।



