सीजी भास्कर, 03 जुलाई : बेंगलुरु पत्थर खदान हादसा (Bengaluru Stone Quarry Accident) में छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के एक युवक समेत सात मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में मरवाही विकासखंड के पंडरी गांव निवासी 25 वर्षीय धर्मेश सिंह मार्को भी शामिल हैं। हादसे की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ड्रिलिंग के दौरान गिरी भारी चट्टानें
जानकारी के अनुसार, धर्मेश सिंह मार्को पिछले करीब पांच वर्षों से कर्नाटक में मजदूरी कर रहा था। वह एक ब्लास्टिंग कंपनी के माध्यम से उदय शंकर क्रेशर परिसर में पत्थरों की ड्रिलिंग का काम करता था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के समय खदान में रॉकब्रेकर मशीन से चट्टानों पर कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक भारी चट्टानें नीचे काम कर रहे मजदूरों पर आ गिरीं, जिससे कई श्रमिक मलबे में दब गए।
7 मजदूरों की मौत, कई घायल
बेंगलुरु पत्थर खदान हादसा (Bengaluru Stone Quarry Accident) के बाद राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। मलबा हटाकर कई मजदूरों को बाहर निकाला गया, लेकिन धर्मेश सिंह मार्को समेत सात मजदूरों की जान नहीं बचाई जा सकी। हादसे में कई अन्य श्रमिक घायल भी हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है।
कपड़ों से हुई धर्मेश की पहचान
घटनास्थल पर मौजूद पेंड्रा क्षेत्र के अन्य मजदूरों ने मलबा हटने के बाद कपड़ों के आधार पर धर्मेश सिंह मार्को की पहचान की। इसके बाद उन्होंने परिजनों को घटना की सूचना दी। खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पंडरी गांव में मातम का माहौल छा गया।
परिवार का एकमात्र सहारा था धर्मेश
परिजनों के अनुसार धर्मेश सिंह मार्को अपने गरीब परिवार का मुख्य सहारा था। वह मेहनत-मजदूरी कर घर का खर्च चलाता था। होली के दौरान वह आखिरी बार गांव आया था। परिवार ने बताया कि धर्मेश की इच्छा मजदूरी कर पैसे जोड़ने, गांव में अपना घर बनाने और फिर शादी करने की थी, लेकिन एक हादसे ने उसके साथ पूरे परिवार के सपनों को भी तोड़ दिया।
हादसे के कारणों की जांच शुरू
स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा खदान में ड्रिलिंग और चट्टान तोड़ने के दौरान हुआ। अधिकारियों द्वारा सुरक्षा मानकों और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।


