सीजी भास्कर, 03 जुलाई : नकटी गांव बेदखली विवाद (Nakti Village Eviction) को लेकर सियासत लगातार तेज होती जा रही है। इस बीच रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने प्रशासन की कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि रात के अंधेरे में लोगों के घरों में तोड़फोड़ करना पूरी तरह गलत है और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
‘आश्वासन के बाद बुलडोजर चलाना गलत’
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें भरोसा दिया था, लेकिन इसके बावजूद घरों पर बुलडोजर चलाया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई किसी भी स्थिति में उचित नहीं कही जा सकती।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन अधिकारियों ने यह कदम उठाया है, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका कहना था कि जनता का विश्वास तोड़ने वाली कार्रवाई माफ करने योग्य नहीं है।
‘मानवीय आधार पर निकले समाधान’
नकटी गांव बेदखली विवाद (Nakti Village Eviction) पर सांसद ने कहा कि यह बेहद संवेदनशील मामला है और वह पहले की तरह अपने रुख पर कायम हैं। उनका मानना है कि ग्रामीणों को बेदखल करने के बजाय उनकी समस्याओं का मानवीय आधार पर समाधान निकाला जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को वह लगातार उचित मंचों पर उठाते रहे हैं और आगे भी प्रभावित परिवारों की आवाज बुलंद करते रहेंगे।
80 मकानों पर चली थी प्रशासन की कार्रवाई
गौरतलब है कि रायपुर के माना क्षेत्र स्थित नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी निर्माण के लिए सोमवार को प्रशासन ने करीब 80 मकानों को ध्वस्त कर दिया था। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना और इंदिरा आवास योजना के तहत बने 32 मकान भी शामिल बताए गए हैं।
कार्रवाई से पहले क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जैसे ही जेसीबी मशीनें मौके पर पहुंचीं, ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की तथा हंगामे की स्थिति भी बनी।
ग्रामीणों ने लगाया वादा तोड़ने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ दिन पहले प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि बारिश के मौसम में किसी भी मकान को नहीं तोड़ा जाएगा, लेकिन इसके बावजूद बेदखली की कार्रवाई कर दी गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है और मामला अब राजनीतिक रूप से भी तूल पकड़ता जा रहा है।



