सीजी भास्कर, 05 जुलाई : नवा रायपुर के नकटी गांव में विधायक आवास निर्माण के लिए 85 से अधिक परिवारों के मकान तोड़े जाने के विरोध में कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। नकटी गांव मकान तोड़ने का विरोध (Nakti Village Demolition Protest) को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना उन्हें बेघर किया गया, जो गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के साथ अन्याय है।
सरकार पर गरीब विरोधी नीति अपनाने का आरोप
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गजमती भानू के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार पर गरीब विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि वर्षों से बसे परिवारों को बिना वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराए हटाना अमानवीय और असंवेदनशील कदम है। नकटी गांव मकान तोड़ने का विरोध (Nakti Village Demolition Protest) के दौरान नेताओं ने कहा कि कांग्रेस गरीबों, आदिवासियों और आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी।
पुनर्वास और मुआवजे की उठी मांग
पूर्व विधायक डॉ. के.के. ध्रुव ने कहा कि किसी भी विकास परियोजना को लागू करने से पहले प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उचित मुआवजे की व्यवस्था करना सरकार की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के लोगों को बेघर करना संवेदनहीन निर्णय है। नकटी गांव मकान तोड़ने का विरोध (Nakti Village Demolition Protest) के दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल पुनर्वास नीति लागू करने की मांग की।
प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है कांग्रेस
मरवाही के छाया विधायक गुलाब राज ने कहा कि कांग्रेस प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रहेगा। वहीं आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष बेचू राम और जिला कांग्रेस प्रवक्ता ओमप्रकाश बंका ने भी सरकारी कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि गरीबों और आदिवासियों के हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। नकटी गांव मकान तोड़ने का विरोध (Nakti Village Demolition Protest) के तहत कांग्रेस ने पुनर्वास, उचित मुआवजा और न्यायपूर्ण कार्रवाई की मांग दोहराई।



