सीजी भास्कर, 06 जुलाई : भिलाई में मानसून की पहली मूसलाधार बारिश ने नगर निगम की प्री-मानसून तैयारियों की पोल खोल दी। शहर के कई हिस्सों में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो गई, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। भिलाई जलभराव (Bhilai Waterlogging News) के चलते सुपेला, कोसा नाला, नेहरू नगर, राधिका नगर, तालपुरी और कैंप क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित रहे, जहां सड़कें पानी में डूब गईं और यातायात भी प्रभावित हुआ।
कई कॉलोनियों में घरों तक पहुंचा बारिश का पानी
4 जुलाई की रात शुरू हुई तेज बारिश का असर 5 जुलाई की देर रात तक बना रहा। नालियों की समुचित सफाई नहीं होने से बारिश का पानी सड़कों पर भर गया और कई स्थानों पर गंदा पानी घरों तक पहुंच गया। भिलाई जलभराव (Bhilai Waterlogging News) के कारण लोगों को रातभर घरों से पानी निकालने की मशक्कत करनी पड़ी। वहीं निचले इलाकों में खड़े दोपहिया और चारपहिया वाहन भी पानी में डूब गए।
पहली बारिश में ही खुली निगम की तैयारियों की पोल
हर साल मानसून से पहले जलनिकासी व्यवस्था सुधारने और नालों की सफाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही तेज बारिश में शहर की व्यवस्था चरमराती नजर आई। जिन इलाकों में हर वर्ष जलभराव की समस्या रहती है, वहां भी कोई विशेष सुधार नहीं दिखा। भिलाई जलभराव (Bhilai Waterlogging News) के बाद नगर निगम की तैयारियों और निगरानी पर सवाल उठने लगे हैं।
24 घंटे में 181 मिमी बारिश दर्ज
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में दुर्ग जिले में 181 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जिसे बहुत भारी बारिश की श्रेणी में रखा गया है। लगातार बारिश के कारण नालों का जलस्तर बढ़ गया और पानी की निकासी धीमी पड़ने से कई इलाकों में जलभराव और गंभीर हो गया।
अगले कई दिनों तक बारिश का अलर्ट
मौसम वैज्ञानिकों ने 6 से 11 जुलाई के बीच दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में रुक-रुककर बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है। भिलाई जलभराव (Bhilai Waterlogging News) को देखते हुए नागरिकों को जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।



